मुजफ्फरनगर। नगरीय क्षेत्र में प्रतिदिन निकल रहा करीब 300 मीट्रिक टन कूड़ा नगर पालिका प्रशासन के लिए बड़ा सिरदर्द बना हुआ है। करोड़ों रुपए खर्च करने के बाद बीते कई माह से बंद पड़े हुए एटूजेड प्लांट के रास्ते में नगर पालिका प्रशासन की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। ऐसे में पूरे शहर का कूड़ा डाले जाने को लेकर एक बड़ी परेशानी खड़ी हो गई है। नगर क्षेत्र में अब तक चली आ रही वैकल्पिक व्यवस्था भी विरोध के चलते बंद हो गई है। अब पालिका और एमआईटूसी कम्पनी के अधिकारी इस ज्वलंत समस्या को लेकर हलकान हंै।
नगर पालिका प्रशासन से हुए अनुबंध के तहत एमआईटूसी कंपनी डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन कार्य बीते एक वर्ष से किसी तरह से करने के साथ डलावघरों से भी कूड़ा उठाया जा रहा है। शहर से निकल रहे प्रतिदिन के करीब 300 मीट्रिक टन कूड़े को मौहल्ला किदवईनगर स्थित एटूजेड प्लांट पर पहुंचाया जा रहा था। बीते कई माह से उक्त प्लांट के रास्ते पर सीसी रोड और नाला निर्माण का कार्य चल रहा है। इस कार्य को लोक निर्माण विभाग की ओर से किया जा रहा है, लेकिन यह कार्य अभी तक पूरा नहीं हो पाया है। जिसके कारण प्लांट पर कूड़ा लाने का रास्ता बंद पड़ा है। ऐसे में कम्पनी द्वारा कूड़ा डालने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की गई थी। शामली रोड पर स्थित काली नदी के पास एक खेत में मालिक की सहमति पर कूड़ा डालने को लेकर अब यहां विरोध होने लगा है। ऐसे में यह वैकल्पिक व्यवस्था भी बंद हो गई है। ऐसे में कम्पनी और नगर पालिका के अधिकारी काफी परेशान है। नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अतुल कुमार का कहना है कि अभी कोई व्यवस्था नहीं बन पायी है। व्यवस्था बनाने के प्रयास किए जा रहे है।







