मुजफ्फरनगर। पालिका चेयरपर्सन के मृदु व्यवहार व सज्जनता का पालिका के अधिकारी और कर्मचारी गलत फायदा उठा रहे हैं। ऐसे में कई मुद्दों में पालिका परिवार के साथ खड़ी रहकर गलतियों व भ्रष्टाचार तक में अभयदान से सुधारात्मक व्यवस्था बनाने में जुटी चेयरपर्सन के आदेशों को अफसर तो छोडंÞे, चपरासी और यहां तक कि माली भी गंभीरता से नहीं ले रहे। पहली बार चेयरपर्सन ने एक राजस्व निरीक्षक पर कार्यवाही की। ऐसे में उन्होंने बिना आदेश के मनमानी व्यवस्था के तहत कम्पनी बाग को छोड़कर रिकार्ड रूम में ड्यूटी करने वाले एक माली के खिलाफ कलम चलाई तो उनके आदेशों को माली ने ताक पर रखते हुए उद्दंडता करने में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी और तबादला आदेश ही लेने से साफ इंकार कर दिया। इसे लेकर पालिका में चर्चा है।
चेयरपर्सन मीनाक्षी स्वरूप ने बीते दिनों नगरपालिका कार्यालय पहुंच कर वहां की व्यवस्थाओं का औचक निरीक्षण किया था। इस बीच पालिका के कंपनी बाग में कार्यरत माली शैलेन्द्र कुमार उन्हें रिकॉर्ड रूम में कार्यरत मिला था। जानकारी करने पर पता चला कि माली शैलेन्द्र का कंपनी बाग से तबादला रिकॉर्ड रूम में नहीं किया गया और न कोई भी आदेश उनके या ईओ द्वारा दिए गए हंै। ऐसे में मनमानी व्यवस्था में माली शैलेन्द्र बिना कोई आदेश अपना कार्यस्थल कम्पनी बाग छोड़कर रिकॉर्ड रूम में कार्य कर रहा था। इसे लेकर चेयरपर्सन ने उस वक्त कड़ी नाराजगी जताते हुए रिकॉर्ड रूम के प्रभारी लिपिक तनवीर आलम को कड़ी फटकार लगाते हुए उनके आचरण को लेकर सवाल उठाये थे, क्योंकि माली ने बताया था कि वो रिकॉर्ड रूम प्रभारी तनवीर के कहने पर यहां कार्य कर रहे हैं। चेयरपर्सन की नाराजगी के बावजूद माली शैलेन्द्र रिकॉर्ड रूम में कार्य करता रहा और उसके वहां से कम्पनी बाग नहीं भेजा गया।
पालिका सूत्रों के अनुसार शुक्रवार को चेयरपर्सन मीनाक्षी स्वरूप ने राजस्व निरीक्षक विजय कुमार को क्षेत्र से हटाकर मुख्य कार्यालय अटैच कर दिया था। इसी के साथ उन्होंने माली शैलेन्द्र का स्थानांतरण नगर पालिका कन्या इण्टर कॉलेज में करते हुए इसके आदेश जारी कर दिए। यह आदेश पालिका पहुंचे तो इनको माली शैलेन्द्र को तामील कराने जब कर्मचारी आदेश पत्र लेकर गया। सूत्रों का कहना है कि शैलेन्द्र माली ने चेयरपर्सन का ये तबादला आदेश लेने से इंकार कर दिया और पूरी उद्दंडता की। चेयरपर्सन का यह आदेश पत्र इस लिखित टिप्पणी के साथ वापस कर दिया कि माली शैलेन्द्र ने आदेश लेने से इंकार कर दिया। इसके साथ ही वो अवकाश पर चला गया। इसकी जानकारी चेयरपर्सन को मिली तो उन्होंने उक्त कर्मी के आचरण के प्रति कड़ी नाराजगी जताई। उनका कहना है कि कार्य के प्रति लापरवाही और आदेशों की अवहेलना करने जैसे कृत्य किसी भी रूप में क्षम्य नहीं होंगे। यदि माली ने स्कूल में योगदान नहीं किया गया तो कड़े कदम उठायेंगे। पालिका में यह चर्चा का विषय बना हुआ है।







