मुजफ्फरनगर। भारतीय किसान यूनियन की 17 फरवरी को होने वाली महापंचायत को लेकर मंगलवार को भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता व किसान नेता चौ. राकेश टिकैत सहारनपुर मंडल व जनपद के पदाधिकारियों ने नवीन मंडी स्थल का निरीक्षण किया। इसके साथ ही ग्रामीण अंचलों से नवीन मंडी में आने वाले गुड़ और शक्कर की आवक के विषय में जानकारी की।
भाकियू प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत ने कहा कि हिमाचल, पंजाब और हरियाणा के किसान अपनी बड़ी पंचायतें मंडी स्थल पर ही करते हैं। ऐसे में इस बार मुजफ्फरनगर महापंचायत के लिए नवीन मंडी स्थल को चुना गया है। उन्होंने कहा कि किसान और सरकार के बीच मंडियों को लेकर एक बड़ा संघर्ष जारी है। किसी समय में इन मंडियों में पूरी चहल पहल हुआ करती थी, लेकिन अब देखने पर पता चलता है कि बहुत सी दुकानों पर तो ताले पड़े हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अब सरकार चाहती है कि मंडियां समाप्त हो जाए और मंडियों की भूमि की खरीद फरोख्त की जाये या लीज पर दी जाए, लेकिन ऐसा नहीं होने दिया जाएगा। सरकार इन मंडियों को लेकर नीतियां भी तैयार कर रही है, लेकिन सरकार की मंडियों को समाप्त करने की मंशा पूरी नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि किसान का मंडी के साथ पुराना रिश्ता है, जो आगे भी कायम रहेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में इस तरह की अनेकों महापंचायत की जाएगी, जिनकी घोषणा प्रयागराज किसान राष्ट्रीय चिंतन शिविर अधिवेशन में की गई है, इससे अनुभव होता है कि आने वाली 17 फरवरी को मुजफ्फरनगर में एक बार फिर बड़ी महापंचायत में किसानों का जमावड़ा भी लगने वाला है। इस दौरान मुख्य रूप से जिलाध्यक्ष चौधरी नवीन राठी, मंडल अध्यक्ष सहारनपुर अशोक कुमार, पश्चिम उत्तर प्रदेश महासचिव योगेश शर्मा, राजीव तोमर, प्रमोद अहलावत, अशोक घटायन, विकास चौधरी, हैप्पी बालियान, दिव्यांश चौधरी, कय्यूम अंसारी आदि मौजूद रहे।






