मुजफ्फरनगर। हाड़ कंपा देने वाली सर्दी के बीच डीएम की सख्ती के बाद रात्रि में बेसहारा और जरूरतमंद लोगों को विश्राम के लिए आश्रय उपलब्ध कराने के शासन-प्रशासन के दिशा निर्देशों पर अफसर रात्रि में भ्रमण को सड़कों पर दिखाई दे रहे हैं। डीएम उमेश मिश्रा की संवेदनशीलता ने अधीनस्थों को सतर्क कर रखा है। इसी कड़ी में बीती रात्रि पालिका ईओ डॉ. प्रज्ञा सिंह को फोन पर अव्यवस्था की शिकायत मिली तो वो खुद ही उसकी सत्यता परखने के लिए निकल पड़ी। उन्होंने रात रैन बसेरों के साथ शहर में अलाव जलाने की व्यवस्थाओं को परखा।

पालिका प्रशासन द्वारा शहर में सर्दी से बचाव की खातिर एक स्थाई और दो अस्थाई रैन बसेरों का संचालन कराने के साथ 30 स्थानों पर अलाव जलवाये हैं, ताकि सर्द रातों में भीषण ठंड से बेसहारा लोगों को राहत प्राप्त हो सके। इस व्यवस्था के लिए डीएम व पालिका चेयरपर्सन के साथ ही सभी प्रशासनिक और पालिका के अधिकारी लगातार रात्रि भ्रमण पर हैं। नगरपालिका ईओ डॉ. प्रज्ञा सिंह को रात्रि में शिकायत मिली कि रैन बसेरों में अव्यवस्था बनी है। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए भीषण सर्दी व कोहरे के बीच ईओ डॉ. प्रज्ञा सिंह तत्काल रेलवे स्टेशन पर स्थित स्थाई रैन बसेरे पर पहुंची और वहां पर निरीक्षण करते हुए व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस बीच उन्होंने वहां पर ठहरे लोगों से भी जानकारी ली। ईओ डॉ. प्रज्ञा सिंह ने बताया कि रैन बसेरे में एक बैड पर बिस्तर नियमानुसार सही नहीं पाया गया। यहां कम्बल उपलब्ध न होने पर ईओ ने केयरटेकर को फटकार लगाते हुए तमाम व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए। उन्होंने रैन बसेरे के समक्ष लकड़ी पड़े होने के बाद भी अलाव न जलाने पर नाराजगी जताई। उनको बताया कि यहां कुछ लोगों ने मुख्य द्वार के सामने जलने वाला अलाव साइड में जला रखा है। ईओ ने बताया कि निरीक्षण में पाया कि वहां रहने वाली महिला ने अपने बच्चों की खातिर अलाव साइड में जलाया था ताकि सर्दी से उन बच्चों को भी बचाया जा सके। इसके बावजूद उन्होंने अलाव मुख्य द्वार के पास जलवाया और इसे नियमित रखने के निर्देश दिये।






