मुजफ्फरनगर। पालिका चेयरपर्सन नगर क्षेत्र में निर्माण कार्यो की गुणवत्ता और अफसरों व कर्मचारियों को कार्य के प्रति जवाबदेह बनाने को सख्ती के मूड़ में दिखाई देने लगी हैं। ऐसे में लगातार औचक निरीक्षण व भ्रमण करते हुए जहां कार्यों की प्रगति को परखने में जुटी हैं, वहीं कार्यों की गुणवत्ता को जांच रही है। इस कड़ी में नगर पालिका कन्या इंटर कॉलेज में चल रहे निर्माण व मरम्मत कार्य को लेकर किए निरीक्षण में उन्होंने अनियमितता और खराब गुणवत्ता पर ठेकेदार के प्रति नाराजगी जताते हुए जेई निर्माण को जांच करने के निर्देश दिये हैं, वहीं ड्यूटी से नदारद तीन कर्मियों के वेतन पर रोक लगा दी है।
चेयरपर्सन मीनाक्षी स्वरूप ने बीते दिवस नगर पालिका कन्या इंटर कॉलेज का निरीक्षण किया था। इस बीच मिली खामियों पर उन्होंने एक्शन लिया। टाउनहाल पहुंचने के बाद उन्होंने उपस्थिति पंजिकाओं का निरीक्षण किया, जिसमें कई अफसर व कर्मचारी गैरहाजिर मिले। इनमें राजस्व निरीक्षक विजय कुमार, बीसी वसीम अहमद, रोहित लहरी और अनुचर सोनू बिना पूर्व सूचना के गायब थे। चेयरपर्सन ने तीनों का एक दिन का वेतन आहरण पर रोक लगा दी है। साथ ही उन्होंने ईओ को निर्देश दिए कि सभी विभागों की उपस्थिति पंजिका मुख्य कार्यालय में ही रखी जायें और एक मूवमेंट रजिस्टर बनाया जाये, जिसमें कार्यालय छोड़ने से पूर्व अधिकारी व कर्मचारी अपने हस्ताक्षर से कारण का उल्लेख करते हुए एंट्री दर्ज करायेंगे। इसके बिना कोई भी अधिकारी, लिपिक या कर्मचारी कार्यालय से गायब नहीं रहेगा।
चेयरपर्सन मीनाक्षी स्वरूप ने नगर पालिका कन्या इंटर कॉलेज के निर्माण कार्य में मिली खराब गुणवत्ता व अनियमितताओं को लेकर सख्त कदम उठाते हुए जेई निर्माण कपिल कुमार को जांच के लिए कहा है। उन्होंने बताया कि निरीक्षण में वहां पर कुछ कक्षों की दीवारों में दरारें पाई गई, जिन्हें भरने के बजाए ठेकेदार द्वारा पुट्टी भरकर छिपाने का काम किया। जेई को मौके पर बुलाकर ठेकेदार के कार्य में गुणवत्ता की कमी को लेकर कार्यवाही और जांच के साथ ही गुणवत्ता परक कार्य अपनी निगरानी में कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आगामी 22 दिसम्बर को यूपी पीसीएस की परीक्षा के लिए विद्यालय के 20 कक्ष आवंटित किए है। ऐसे में अधिकारियों का निरीक्षण भी होना है, इसके दृष्टिगत भी निर्माण कार्य गुणवत्तापरक कराने पर जोर दिया है। वहीं विद्यालय में खराब जनरेटर ठीक कराने व मैदान के बीच बना मंच समतल करते हुए कोटा स्टोन के प्रयोग से नया मंच बनवाने के निर्देश भी जेई निर्माण को दिए गए हैं।






