मुजफ्फरनगर। राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत मुक्ताकाश नाट्य संस्थान,मेरठ के कलाकारों ने कलेक्ट्रेट में तंबाकू सेवन से शरीर पर पढ़ने वाले दुष्प्रभावों के विषय में अपने नाटक “चाचा मेरठी और आशिक अली” के प्रभावशाली मंचन से जनता को संदेश दिया। सीएमओ की पहल पर मुजफ्फरनगर में 16 चयनित ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में टीम के द्वारा नुक्कड़ नाटक के माध्यम से क्षेत्र की जनता को तंबाकू का सेवन न करने के लिए संदेश देने के लिए मंचित किए जा रहे हैं। नाट्य दल में डॉ. इंदु कौशिक, शौकीन राज, मैक्स, विकास, देव आदि ने अपने सशक्त अभिनय के माध्यम से मनोरंजन के साथ ही लोगों को तंबाकू से दूर रहने के लिए जागरूक किया।
बता दें, तम्बाकू सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए सबसे बड़े खतरों में से एक है, जो विश्व में सालाना 1 मिलियन से अधिक लोगों की जान लेता है, और दस लाख से अधिक लोग प्रत्यक्ष धूम्रपान से मारे जाते हैं। वहीं विश्वभर में 1.1 बिलियन धूम्रपान करने वालों में से करीब 80% निम्न और मध्यम आय वाले देशों में ही रहते हैं। तम्बाकू से संबंधित बीमारी और मृत्यु की घटनाओं में वृद्धि हुई है। भारत सरकार ने 2007-08 में 11वीं पंचवर्षीय योजना के बीच राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम शुरू किया था।

अधिवक्ता परिषद ब्रज मुजफ्फरनगर इकाई द्वारा स्वाध्याय मण्डल कार्यक्रम आयोजित
मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। अधिवक्ता परिषद ब्रज मुजफ्फरनगर इकाई द्वारा स्वाध्याय मण्डल कार्यक्रम के तहत शुक्रवार को स्वाध्याय मंडल कार्यक्रम राष्ट्रीय सभागार हाल सिविल बार में आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता वरिष्ठ अधिवक्ता शलभ बंसल ने कार्यक्रम के विषय *घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम 2005* के विषय में विस्तार से चर्चा की और






