मुजफ्फरनगर। फजीहतों से जूझ रही नगर पालिका एनजीटी को लिगेसी की रिपोर्ट भेजने के लिए अब प्लांट पर पड़े कूड़े की मैपिंग कराने की दिशा में काम कर रही है। इसके लिए नगरपालिका ईओ ने निर्माण विभाग के एई और जेई को निर्देश दिए है। पालिका द्वारा आगामी 30 जनवरी 2025 तक एनजीटी को उक्त रिपोर्ट भेजनी है। उधर, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट एटूजेड कम्पनी द्वारा कब चलाया गया और कब बंद किया इस संबंध में भी ईओ ने पत्रावली तलब की है।
शहर के मौहल्ला किदवईनगर में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेन्ट प्लांट नगर पालिका प्रशासन के लिए पूरी तरह परेशानी का सबब बना हुआ है, जो कंपनी के भाग जाने के बाद बीते काफी समय से बंद पड़ा है। वहीं शहर से निकल रहे कूड़े का निस्तारण नहीं हो पाने के कारण यहां पर कूड़े के पहाड़ बने हैं। ऐसे में लिगेसी वेस्ट का निस्तारण न होने से शिकायतकर्ता फराह खां द्वारा विभिन्न बिन्दुओं पर एनजीटी में वाद दायर किया है। मौ. किदवईनगर स्थित प्लांट पर करीब 5.5 लाख मीट्रिक टन से अधिक कूड़ा वर्तमान में होने से लिगेसी वेस्ट का निस्तारण न होने पर एनजीटी ने आपत्ति जताई थी। इसके साथ एनजीटी ने 20 हजार रुपए प्रतिदिन के हिसाब से पालिका पर करीब 68 लाख रुपए जुर्माना लगाया था। ऐसे में नगर पालिका द्वारा प्लांट पर पड़े लिगेसी की मैपिंग कराने की तैयारी की है। मैपिंग कराते हुए एनजीटी की रिपोर्ट भेजी जाएगी, ताकि जुर्माना से बचने के साथ ही क्षेत्र की जनता को इन कूड़े के पहाड़ों से भविष्य में निजात दिलाई जा सके।
इन्होंने कहा-
पालिका ईओ डॉ. प्रज्ञा सिंह ने बताया कि एनजीटी में फराह खां द्वारा दायर किए गए बाद में एनजीटी को रिपोर्ट भेजी जानी है। इसके लिए प्लांट पर पड़े कूड़े की मैपिंग कराई जानी है। इसके लिए निर्माण विभाग के एई और जेई की लिगेसी की वैटिंग कराने के निर्देश दिए हैं।






