मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। सरकारी भवनों के निर्माण पर करोड़ों रुपये खर्च होते हैं, लेकिन उचित देखरेख और समय पर रखरखाव के अभाव में ये भवन धीरे-धीरे जर्जर होने लगते हैं। इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए मुजफ्फरनगर के अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व गंभीर सिंह ने सरकारी संपत्तियों के संरक्षण को लेकर अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों से विशेष अपील की है। उन्होंने कहा है कि थोड़ी-सी जागरूकता और नियमित देखभाल से देश की अरबों रुपये की सार्वजनिक संपत्ति को खराब होने से बचाया जा सकता है।
अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व गंभीर सिंह ने अपनी अपील में कहा कि सरकारी कार्यालयों, विद्यालयों, सार्वजनिक भवनों और अन्य परिसरों का रखरखाव केवल संबंधित विभाग की औपचारिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि सामूहिक दायित्व होना चाहिए। भवनों के निर्माण में जनता की गाढ़ी कमाई खर्च होती है, इसलिए उनकी सुरक्षा और देखभाल भी प्राथमिकता में शामिल होनी चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से भवनों की छतों की नियमित सफाई कराने, वर्षा जल की निकासी के लिए बने ड्रेनेज सिस्टम को दुरुस्त रखने तथा छतों पर उगने वाली घास-फूस और पेड़-पौधों को समय रहते हटाने की आवश्यकता बताई। उनका कहना है कि छतों पर पानी जमा होने और पौधों की जड़ें फैलने से भवनों में दरारें आ सकती हैं, जिससे धीरे-धीरे इमारत कमजोर होने लगती है।
भीर सिंह ने भवनों का नियमित निरीक्षण कराने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि दीवारों में दरार, सीलन, प्लास्टर टूटने और पानी के रिसाव जैसी समस्याओं को शुरुआत में ही ठीक करा लिया जाए तो भविष्य में होने वाले बड़े मरम्मत खर्च से बचा जा सकता है। इसके साथ ही सरकारी कार्यालयों और परिसरों में स्वच्छता एवं सुव्यवस्था बनाए रखने, अनुपयोगी सामान और मलबे का उचित निस्तारण करने तथा विद्यालयों एवं सार्वजनिक भवनों की विशेष देखभाल करने की अपील की गई है।

अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व गंभीर सिंह की इस अपील का महत्वपूर्ण संदेश यह है कि सरकारी संपत्ति का संरक्षण केवल बजट और सरकारी योजनाओं पर निर्भर नहीं करता। कई बार कर्मचारियों की थोड़ी-सी सतर्कता, नियमित निरीक्षण और समय पर कराई गई छोटी मरम्मत बड़े आर्थिक नुकसान को रोक सकती है। मुजफ्फरनगर में इस सोच को प्रशासनिक कार्यसंस्कृति का हिस्सा बनाया जाए तो सरकारी कार्यालयों, विद्यालयों, पंचायत भवनों और अन्य सार्वजनिक परिसरों की स्थिति बेहतर रखने में मदद मिल सकती है।
अपर जिलाधिकारी प्रशासन गंभीर सिंह ने सभी से आह्वान किया कि वे जिस भी कार्यालय, विद्यालय, आवास या संस्थान में कार्यरत हैं, उसके रखरखाव को अपनी जिम्मेदारी समझें। उनका संदेश स्पष्ट है कि संपत्ति का निर्माण करना जितना महत्वपूर्ण है, उसका संरक्षण करना भी उतना ही जरूरी है। एक छोटी-सी पहल, देश के लिए बड़ी बचत।

श्रीराम कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने अंतरमहाविद्यालय तायक्वोंडो (पुरूष एवं महिला) प्रतियोगिता में जीते पदक
मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। श्रीराम कॉलेज, मुजफ्फरनगर में मॉं शाकुम्भरी विश्वविद्यालय से सम्बद्ध महाविद्यालयों के अंतरमहाविद्यालय की तायक्वोंडो (पुरूष एवं महिला) वर्ग की प्रतियोगिता का टूर्नामेंट का आयोजन किया गया जिसमें मॉं शाकुम्भरी सहारनपुर से संबद्ध विभिन्न जिलो के महाविद्यालयों से आये हुये खिलाडियों ने प्रतिभाग किया। इस तायक्वोंडो (पुरूष एवं महिला) प्रतियोगिता में मुख्य अतिथि श्रीराम






