मुज़फ्फरनगर (रिपोर्टर)। सनातन धर्म कॉलेज मुज़फ्फरनगर में राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) की इकाइयों के तत्वावधान में सतर्कता जागरूकता सप्ताह-2026 के तृतीय दिवस पर ‘भ्रष्टाचार मुक्त भारत, विकसित भारत की पहचान’ विषय पर एक जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को भ्रष्टाचार के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करना, उनमें नैतिक मूल्यों एवं सत्यनिष्ठा की भावना विकसित करना तथा एक पारदर्शी, ईमानदार और विकसित भारत के निर्माण में उनकी भूमिका के प्रति प्रेरित करना था।

कार्यक्रम का आयोजन महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर सुधीर कुमार पुंडीर के दिशा-निर्देशन में किया गया। कार्यशाला में राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी डॉ. प्रीतम सिंह, असिस्टेंट प्रोफेसर, अर्थशास्त्र विभाग, श्रीमती पायल चौधरी, असिस्टेंट प्रोफेसर, अर्थशास्त्र विभाग, तथा डॉ. गौरव यादव ने विद्यार्थियों को भ्रष्टाचार के विरुद्ध जागरूक रहने और अपने दैनिक जीवन में ईमानदारी, पारदर्शिता एवं नैतिक आचरण अपनाने के लिए प्रेरित किया। कार्यशाला के अंतर्गत विद्यार्थियों ने ‘भ्रष्टाचार मुक्त भारत, विकसित भारत की पहचान’ विषय पर अपने विचार प्रस्तुत किए। इस अवसर पर एम.ए. प्रथम वर्ष के तेज प्रताप सिंह, बी.ए. प्रथम सेमेस्टर की गार्गी, बी.एस.सी. प्रथम सेमेस्टर की विधि भारद्वाज, तथा वैशाली तोमर एम.ए. प्रथम सेमेस्टर के विद्यार्थियों सहित अनेक छात्र-छात्राओं ने कविता पाठ एवं भाषण के माध्यम से भ्रष्टाचार के विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार व्यक्त किए। विद्यार्थियों ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से समाज में व्याप्त भ्रष्टाचार, रिश्वतखोरी, अनैतिक आचरण तथा सार्वजनिक जीवन में पारदर्शिता की आवश्यकता को रेखांकित किया। विद्यार्थियों ने इस बात पर विशेष बल दिया कि भ्रष्टाचार केवल आर्थिक विकास में बाधा नहीं है, बल्कि यह सामाजिक न्याय, समान अवसर, जनविश्वास और देश की प्रशासनिक व्यवस्था को भी प्रभावित करता है। भ्रष्टाचार के कारण सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक पहुँचने में बाधाएँ उत्पन्न होती हैं तथा समाज में असमानता और अविश्वास को बढ़ावा मिलता है। इसलिए भ्रष्टाचार पर नियंत्रण स्थापित करना एक सशक्त, समृद्ध और विकसित राष्ट्र के निर्माण के लिए अत्यंत आवश्यक है। कार्यक्रम का संचालन राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी डॉ. प्रीतम सिंह ने किया। उन्होंने विद्यार्थियों को सतर्कता जागरूकता सप्ताह के उद्देश्यों से अवगत कराते हुए सत्यनिष्ठा एवं ईमानदारी को जीवन का अभिन्न अंग बनाने का संदेश दिया। कार्यक्रम के अंत में श्रीमती पायल चौधरी ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया तथा सभी प्रतिभागियों, आयोजकों और विद्यार्थियों के योगदान की सराहना की। कार्यक्रम को सफल बनाने में राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी डॉ. गौरव यादव,डॉ. अनिल कुमार तथा सभी छात्र-छात्राओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कार्यशाला का समापन इस संकल्प के साथ हुआ कि प्रत्येक विद्यार्थी स्वयं ईमानदारी और सत्यनिष्ठा का पालन करेगा तथा अपने परिवार, समाज और राष्ट्र में भ्रष्टाचार के विरुद्ध जागरूकता फैलाने का प्रयास करेगा।

बाबा रामदेव ने लगाया सनातन धर्म की छवि धूमिल करने का आरोप
हरिद्वार (रिपोर्टर)। योग गुरू बाबा रामदेव ने सनातन धर्म की छवि की धूमिल करने के लिए धार्मिक ग्रंथों में वर्णित तथ्यों को तोड़ मरोड़कर भ्रामक तरीके से प्रस्तुत करने और भगवान शिव, भगवान राम, माता सीता और श्रीकृष्ण आदि देवी देवताओं का गलत चित्रण करने का आरोप लगाते हुए कहा कि सनातन धर्म की परंपराओं






