मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। एआई के प्रभाव वाले आधुनिक तकनीक के दौर में जहां संदेश भेजने के लिए मोबाइल और सोशल मीडिया का चलन तेजी से बढ़ा है, वहीं हाथ से लिखी चिट्ठियों का अपनापन आज भी अपनी विशिष्ट पहचान रखता है। इसी आत्मीयता और पारंपरिक पत्राचार से बच्चों को परिचित कराने के उद्देश्य से एम.जी. पब्लिक स्कूल के कक्षा एक के नन्हे विद्यार्थियों को पटेलनगर, नई मंडी स्थित मुख्य डाकघर का शैक्षिक भ्रमण कराया गया। इस दौरान बच्चे अपने मम्मी-पापा के नाम लिखी चिट्ठियां हाथों में लेकर डाकघर पहुंचे और उन्हें पोस्ट बॉक्स में डालकर बेहद उत्साहित नजर आए।

एम.जी. पब्लिक स्कूल की प्रधानाचार्या मोनिका गर्ग ने जानकारी देते हुए बताया कि बच्चों को कक्षा-कक्ष से बाहर निकालकर उन्हें व्यावहारिक शिक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से मुख्य डाक घर के शैक्षिक भ्रमण का आयोजन किया गया, जिसमें कक्षा-1 के विद्यार्थियों ने भारतीय डाक व्यवस्था को करीब से देखा और उसके कामकाज की जानकारी हासिल की। मुख्य डाकघर पहुंचने पर डाकघर के वरिष्ठ पोस्टमास्टर ने बच्चों और उनके साथ आए शिक्षक-शिक्षिकाओं का स्वागत किया। उन्होंने विद्यार्थियों को भारतीय डाक के इतिहास, इसकी परंपरागत कार्यप्रणाली तथा वर्तमान समय में डाक विभाग की ओर से संचालित विभिन्न सेवाओं और आधुनिक नवाचारों के बारे में विस्तार से बताया। भ्रमण का सबसे आकर्षक और यादगार क्षण वह रहा, जब बच्चों ने अपने अभिभावकों के नाम लिखे पत्र पोस्ट बॉक्स में डाले। नन्हे हाथों से लिखी गई चिट्ठियों को डाक के माध्यम से घर भेजने का अनुभव बच्चों के लिए बिल्कुल नया और रोमांचक था। पत्र डालते समय उनके चेहरों पर उमंग, उत्सुकता और खुशी साफ झलक रही थी। बच्चों ने जाना कि पत्र किस प्रकार डाकघर तक पहुंचता है और वहां से निर्धारित पते पर भेजने की प्रक्रिया पूरी की जाती है। इस प्रक्रिया को समझाने के लिए मुख्य डाक घर पर बच्चों से डाकिया भैया ने भी मुलाकात की और उनको डाक घर से चिट्ठियों को घर तक पहंुचाने की प्रक्रिया बताते हुए डाक सेवाओं की उपयोगिता समझाई। बच्चों ने विभिन्न व्यवस्थाओं को उत्सुकता से देखा और अपने मन में उठे सवालों के माध्यम से इस प्रक्रिया को समझने का प्रयास किया।

विद्यालय की प्रधानाचार्या मोनिका गर्ग ने बताया कि वर्तमान समय में सोशल मीडिया और इंटरनेट आधारित संचार माध्यमों के विस्तार के कारण चिट्ठी लिखने की परंपरा धीरे-धीरे कम होती जा रही है। मोबाइल फोन और डिजिटल संदेशों ने संवाद को सहज और त्वरित बना दिया है, लेकिन हाथ से लिखे पत्रों में जुड़ी भावनात्मक आत्मीयता और व्यक्तिगत अभिव्यक्ति का अपना अलग महत्व है। इस प्रकार भ्रमण ने विद्यार्थियों के लिए किताबी ज्ञान को वास्तविक अनुभव से जोड़ने का अवसर प्रदान किया। इस प्रकार की गतिविधियां बच्चों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। कक्षा से बाहर प्राप्त व्यावहारिक अनुभव विद्यार्थियों की जिज्ञासा बढ़ाते हैं और उन्हें नई चीजें सहज तथा रोचक तरीके से सीखने के लिए प्रेरित करते हैं। उन्होंने इस शैक्षिक भ्रमण में सहयोग के लिए मुख्य डाक घर के समस्त स्टाफ का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में शिक्षक शिक्षिकाओं के साथ ही सहयोगी कर्मचारियों का सराहनीय योगदान रहा।

पथरी क्षेत्र में ओलावृष्टि और बारिश से फसलें तबाह, किसानों ने उठाई मुआवजे की मांग
पथरी हरिद्वार (रिपोर्टर)। पथरी क्षेत्र में हुई भारी ओलावृष्टि और बारिश ने किसानों की कमर तोड़ दी है। गन्ने, व गेहूं की फसल के साथ-साथ सब्जी की फसल को भी भारी नुकसान पहुंचा है। खेतों में खड़ी फसलें जमीन पर बिछ गई हैं। नुकसान से किसानों में भारी रोष है। शुक्रवार को क्षेत्र में हुई






