मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। श्री राम कॉलेज ऑफ फार्मेसी में शुक्रवार को विश्व फार्मासिस्ट दिवस के अवसर पर विभिन्न जागरूकता एवं शैक्षणिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस वर्ष विश्व फार्मासिस्ट दिवस की थीम “स्वस्थ भविष्य के लिए फार्मासिस्टों को सशक्त बनाना” रखी गई, जो इस बात पर जोर देती है कि फार्मासिस्टों को बेहतर ज्ञान, कौशल और आधुनिक तकनीक से सशक्त बनाकर समाज को सुरक्षित, प्रभावी एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने में उनकी भूमिका को और मजबूत किया जाए।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुजफ्फरनगर के औषधि निरीक्षक देशबंधु विमल रहे। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि फार्मासिस्ट स्वास्थ्य व्यवस्था की एक महत्वपूर्ण कड़ी हैं। बदलते समय के साथ फार्मासिस्टों को अपने ज्ञान, कौशल और तकनीकी दक्षता को निरंतर विकसित करना चाहिए, ताकि वे मरीजों को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने में प्रभावी भूमिका निभा सकें। उन्होंने विद्यार्थियों को दवाओं की गुणवत्ता, सुरक्षित उपयोग तथा औषधि संबंधी नियमों एवं जिम्मेदारियों के प्रति भी जागरूक किया। उन्होंने फार्मेसी क्षेत्र में हो रहे नवीनतम बदलावों जैसे दृ आधुनिक दवा निर्माण प्रणाली तथा क्लिनिकल फार्मेसी की बढ़ती भूमिका और डिजिटल हेल्थ सिस्टम के अंतर्गत फार्मासिस्टों की भागीदारी पर भी प्रकाश डाला। अपने व्याख्यान के माध्यम से उन्होंने छात्रों को न केवल वर्तमान वैश्विक परिदृश्य से परिचित कराया बल्कि उन्हें भविष्य में फार्मासिस्ट के रूप में अपनी जिम्मेदारियों को समझने और उन्हें निभाने के लिए प्रेरित भी किया। उनका यह ज्ञानवर्धक संबोधन विद्यार्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध हुआद्य कॉलेज के निदेशक डॉ. गिरेन्द्र कुमार गौतम ने कहा कि वर्तमान समय में दवा एव स्वास्थ्य सेवा प्रणाली में व्यापक बदलाव आया हैद्य आज केवल फार्मासिस्ट केवल दवा वितरण तक सीमित नहीं रह गयी हैद्य बल्कि वे रोगी परामर्श दवा सुरक्षा क्लिनिकल रिसर्च फार्मास्युटिकल उद्योग और स्वास्थ्य सेवाओ के विभिन्न विभागों में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैद्यसाथ ही डॉक्टर गौतम ने छात्रों को बताया कि कौशल और रचनात्मकता का प्रयोग केवल व्यक्तिगत सफलता तक सीमित न रखें, बल्कि मानवता की सेवा के लिए करें। उन्होंने प्रेरणादायी शब्दों में कहा कि यदि भारत को वैश्विक स्तर पर फार्मेसी के क्षेत्र में अग्रणी बनाना है तो यह जिम्मेदारी आज के युवा फार्मासिस्टों के कंधों पर है। प्रत्येक छात्र को अपने भीतर नेतृत्व क्षमता, अनुसंधान की जिज्ञासा और समाज की सेवा का जज़्बा पैदा करना होगा। यही सोच और समर्पण भविष्य में उन्हें एक सच्चे फार्मासिस्ट और समाज के आदर्श नागरिक के रूप में स्थापित करेगा।
इस कार्यक्रम में छात्र -छात्राओं ने बढ़ चढ़कर प्रतिभाग किया। जिनमे पोस्टर प्रतियोगिता में, प्रथम स्थान पर यवर खान बीफार्म,द्वितीय स्थान पर आयुष पाल और तृतीय स्थान पर शीरीन और रंगोली प्रतियोगिता में बी फार्मा द्वितीय वर्ष से खुशबू व पायल मान्य श्रेया ने प्रथम स्थान प्राप्त किया और पॉवर पॉइंट प्रेजेंटेशन में हनी,अबुदुस्समद, मौ० अबरार, श्रेया और भाषण प्रतियोगिता में अख्लाद, हार्दिक प्रथम, सलोनी द्वितीय, आवेश ने तीसरा स्थान प्राप्त कियाद्यइस कार्यक्रम के अंतर्गत मॉडल प्रतियोगिता फार्मेसी से जुड़े विषयों पर रील प्रतियोगिताए सम्मिलित रही। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में डॉ. संदीप कुमार, डॉ. मनोज कुमार गुप्ता, डॉ. राम, डॉ. राधे श्याम, डा. सोनू, अवनिका त्यागी, साबिया परवीन, टिंकू कुमार, लोकेश कुमार, मोहन कुमार, शक्ति सिंह, ज्योति जैन, आरती चोपड़ा, मुस्सयब खान, तरन्नुम फातिमा, शिवम् त्यागी, आर्याव्रत, उज्जवल, शैली रस्तोगी, शशीभूषण, भूदेव, रामसिंह, सुशील, विकास कुमार, अरशद, संजय कुमार, आदि का योगदान रहा।

पीईटी-2026 की परीक्षा अब 25, 30 अक्टूबर और एक नवंबर को
लखनऊ (रिपोर्टर)। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूपीएसएसएससी) ने प्रारंभिक अर्हता परीक्षा(पीईटी)-2026 की तिथियों में बदलाव किया है। अब परीक्षा 25 अक्टूबर, 30 अक्टूबर और एक नवंबर को आयोजित की जाएगी। पहले परीक्षा 23, 24 और 25 अक्टूबर को प्रस्तावित थी। परीक्षा केंद्रों की सूची और सहमति पत्र की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।






