मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। पीजेंट वेलफेयर एसोसिएशन के चेयरमैन अशोक बालियान ने कहा कि केंद्र सरकार प्रारंभिक चरण में ही वार्ता की नीति अपनाए, तो वास्तविक समस्याओं का समाधान होगा। उन्होंने कहा कि हमारी राय में सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती केवल विपक्ष नहीं है, बल्कि किसी भी नीति को लेकर समय रहते संवाद स्थापित न कर पाना है। जब किसी वर्ग की आशंकाएँ समय पर दूर नहीं की जातीं, तब विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक समूह उन असंतोषों को बड़े आंदोलनों का स्वरूप देने का प्रयास कर सकते हैं। कई बार वास्तविक शिकायतें और राजनीतिक रणनीतियाँ एक-दूसरे से जुड़ जाती हैं, जिससे स्थिति और जटिल हो जाती है।
मोदी की केंद्र सरकार को कुछ शक्तियाँ एक ऐसी सरकार के रूप में देखती हैं, जो बहुसंख्यक हिन्दू समाज के बीच व्यापक जनसमर्थन रखती है और आत्मनिर्भर भारत, रक्षा, अवसंरचना, डिजिटल परिवर्तन तथा विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में दीर्घकालिक नीतियाँ आगे बढ़ा रही है। लेकिन पिछले कुछ वर्षों की घटनाओं ने एक गंभीर प्रश्न खड़ा किया है, जिसके अनुसार कुछ आंदोलनों में ऐसे पैटर्न दिखाई देते हैं, जिनमें बार-बार वही सामाजिक वर्ग, विशेषकर बहुसंख्यक हिन्दू समाज के विभिन्न वर्ग, आंदोलन का मुख्य चेहरा बनते हैं?
पिछले कुछ वर्षों में हमने यह भी देखा है कि किसी भी विवादास्पद घटना के बाद कुछ ही घंटों में सोशल मीडिया पर एक जैसे हैशटैग, समान संदेश, एक जैसी भाषा और लगभग समान आरोप बड़ी संख्या में प्रसारित होने लगते हैं। इसके बाद कुछ राजनीतिक दल, कुछ सामाजिक संगठन, कुछ प्रभावशाली डिजिटल अकाउंट और कुछ मीडिया मंच भी लगभग एक जैसी कथा (Narrative) प्रस्तुत करते दिखाई देते हैं। साथ ही, सरकार को यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि किसी भी बड़े आंदोलन के दौरान केवल प्रशासनिक प्रतिक्रिया ही न हो, बल्कि तथ्यों पर आधारित और नियमित सार्वजनिक संवाद भी चलता रहे। सूचना का अभाव अक्सर अफवाहों और भ्रम को जन्म देता है। यदि सरकार प्रारंभिक चरण में ही वार्ता की नीति अपनाए, तो वास्तविक समस्याओं का समाधान भी होगा और ऐसे प्रयासों की संभावना भी कम होगी, जो जन-असंतोष का राजनीतिक लाभ उठाना चाहते हों।

मंत्री कपिल देव के प्रयास से मुज़फ्फरनगर की विद्युत व्यवस्था को मिली बड़ी सौगात
मुज़फ्फरनगर (रिपोर्टर)। मुज़फ्फरनगर की विद्युत व्यवस्था को सुदृढ़ एवं आधुनिक बनाने के लिए मंत्री कपिल देव अग्रवाल के प्रयासों से ₹78.82 करोड़ की लागत से 132/33 केवी विद्युत उपकेंद्र सूजडू एवं संबंधित 132 केवी लाइन के निर्माण को गति मिली है। इस महत्वपूर्ण परियोजना से सूजडू, महावीर चौक, नुमाइश कैम्प, साकेत, मालवीय चौक, सर्कुलर रोड,






