मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। जिले के खतौली विकास खंड स्थित ग्राम सठेड़ी के निवासी श्री संदीप सिंह (पुत्र शिव चरण सिंह) की कहानी आज क्षेत्र के किसानों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन चुकी है। एक समय था जब वे अन्य सामान्य किसानों की तरह गन्ना, गेहूं और धान जैसी पारंपरिक फसलों की खेती तक ही सीमित थे। मेहनत पूरी होती थी, लेकिन आमदनी सीमित थी। लेकिन उद्यान विभाग के सही मार्गदर्शन और आधुनिक तकनीक को अपनाने के फैसले ने उनकी जिंदगी की दिशा ही बदल दी। उद्यान विभाग की पहल और पॉलीहाउस का सपना संदीप सिंह को उद्यान विभाग के माध्यम से पॉलीहाउस तकनीक और इसके फायदों के बारे में जानकारी मिली। उन्होंने पारंपरिक रास्ते से हटकर कुछ नया करने का साहस दिखाया और 4000 वर्ग मीटर (लगभग 1 एकड़) क्षेत्रफल में पॉलीहाउस की स्थापना करने का निर्णय लिया। अनुदान और वित्तीय संरचना पॉलीहाउस के निर्माण और उसमें संरक्षित खेती (कट फ्लावर) शुरू करने के लिए व्यवस्थित योजना तैयार की गई। पॉलीहाउस निर्माण लागत: ₹844 प्रति वर्ग मीटर की दर से कुल ₹33,76,000 का खर्च आया। ₹450 प्रति वर्ग मीटर की दर से पौध व शुरुआती प्रबंधन पर ₹18,00000 व्यय हुए। इस महत्वाकांक्षी परियोजना में कुल ₹51,76,000 की लागत आई।
इस बड़े निवेश को सुगम बनाने में सरकार की किसान हितैषी नीति ने बड़ी भूमिका निभाई। ‘जिला औद्यानिक मिशन योजना’ के तहत उद्यान विभाग द्वारा संदीप सिंह को 50 प्रतिशत की भारी सब्सिडी यानी ₹25,88,000 का अनुदान प्रदान किया गया। इससे उनका वित्तीय जोखिम आधा हो गया और उनका हौसला और बढ़ा।
90 दिनों में महकी मेहनत: उत्पादन और विपणन
अनुदान मिलने के बाद 4000 वर्ग मीटर के पॉलीहाउस के भीतर उच्च गुणवत्ता वाले कट-फ्लावर गुलाब की पौध रोपी गई। वैज्ञानिक देखरेख और मेहनत का परिणाम महज 3 महीने (90 दिन) में दिखाई देने लगा।
पौधों से प्रतिदिन औसतन लगभग 3,000 गुलाब के सुंदर फूल प्राप्त होने लगे।
बाजार मूल्य: बाजार में मांग के अनुसार इन फूलों की औसतन कीमत ₹5 प्रति फूल मिली।
बेहतरीन गुणवत्ता और निरंतर आपूर्ति के बल पर उन्हें औसतन ₹4.50 लाख प्रति माह की सकल आय होने लगी।
खर्चे घटाकर ₹3 लाख प्रति माह का शुद्ध मुनाफा
खाद, पानी, बिजली, लेबर और परिवहन जैसे तमाम परिचालन खर्चों को निकालने के बाद भी संदीप सिंह को हर महीने औसतन ₹3.00 लाख की शुद्ध आय प्राप्त हो रही है। जिस जमीन से पहले सिर्फ मौसमी फसलें और सीमित मुनाफा मिलता था, आज वही जमीन उन्हें सालभर स्थिर और शानदार मुनाफा दे रही है।
क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए बने मिसाल
संदीप सिंह की यह सफलता केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि बनकर नहीं रही। पॉलीहाउस में गुलाब की लहलहाती फसल और उससे होने वाले शानदार मुनाफे को देखकर आसपास के गांवों के किसान भी बेहद प्रभावित हैं। अब जनपद के अन्य कृषक भी पारंपरिक खेती के साथ-साथ पॉलीहाउस और आधुनिक बागवानी तकनीक अपनाने के लिए आगे आ रहे हैं।
श्री संदीप सिंह की यह गाथा साबित करती है कि यदि सही मार्गदर्शन, सरकारी योजनाओं का लाभ और आधुनिक कृषि तकनीक का संयोजन हो, तो भारतीय किसान न केवल अपनी आय कई गुना बढ़ा सकते हैं, बल्कि कृषि के क्षेत्र में एक नई क्रांति का नेतृत्व भी कर सकते हैं।

फायरवर्क्स डीलर वेलफेयर एसोसिएशन के वार्षिक अधिवेशन में पटाखा व्यापारियों को सरकार के सहयोग का भरोसा
लखनऊ (रिपोर्टर)। फायरवर्क्स डीलर्स वेलफेयर एसोसिएशन के वार्षिक अधिवेशन का आयोजन लखनऊ में अटल बिहारी कनर्वेशन सेंटर पर किया गया, जिसमें प्रदेशभर से बड़ी संख्या में पटाखा व्यापारी एवं संगठन के पदाधिकारी उपस्थित रहे। अधिवेशन में पटाखा व्यापार से जुड़े विभिन्न मुद्दों, व्यापारियों की समस्याओं, सुरक्षा मानकों तथा व्यापार को सुगम बनाने से संबंधित विषयों






