मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। दिल्ली एनसीआर के साथ समूचे उत्तर भारत में बीते 3 दिनों से लगातार जारी बारिश के बाद गंगा और सोलानी नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी होने के कारण तटवर्ती क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बन गई है। जिलाधिकारी उमेश मिश्रा एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा द्वारा जनपद में लगातार हो रही वर्षा के दृष्टिगत थाना पुरकाजी क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों द्वारा सोलानी नदी के बढ़ते जलस्तर एवं उसके कारण आसपास के खेतों में पहुंच रहे पानी की स्थिति का जायजा लिया गया। इस दौरान डीएम उमेश मिश्रा और एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने संबंधित अधिकारियों से राहत एवं बचाव की तैयारियों तथा जल निकासी की व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
निरीक्षण के समय मौके पर बने, लोहे के पुल में जलकुंभी और झाड़ियों के अडऩे के कारण पानी निकासी में बाधा आने को देखते हुए जेसीबी मशीन के माध्यम से जल निकासी में बाधा उत्पन्न कर रहे मलबे, कचरे एवं अन्य अवरोधों को हटाने का कार्य कराया जा रहा था, जिससे वर्षा का पानी सुचारु रूप से निकल सके तथा जलभराव की स्थिति को नियंत्रित किया जा सके। जिलाधिकारी उमेश मिश्रा एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा द्वारा संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि जल निकासी कार्य में किसी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए तथा संवेदनशील स्थानों पर निरंतर निगरानी रखी जाए। दोनों अधिकारियों द्वारा स्थानीय नागरिकों से संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं की जानकारी प्राप्त की गई तथा उन्हें प्रशासन द्वारा हरसंभव सहायता उपलब्ध कराए जाने का आश्वासन दिया गया। साथ ही लोगों से अपील की गई कि लगातार हो रही वर्षा के दौरान अनावश्यक रूप से जलभराव एवं नदी तटवर्ती क्षेत्रों में जाने से बचें तथा किसी भी आपात स्थिति की सूचना तत्काल स्थानीय प्रशासन अथवा पुलिस को दें, जिससे समय रहते आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा सके।

वृक्षारोपण महाभियान में 12,000 से अधिक पौधों का रोपण करेगा सहकारिता विभाग मुज़फ्फरनगर : ठा० रामनाथ सिंह
मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रेरणा से “एक पेड़ मां के नाम” वृक्षारोपण महाभियान का आयोजन आगामी 12 जुलाई को होने जा रहा है। इस वृक्षारोपण अभियान के अन्तर्गत प्रदेश के मुख्यमन्त्री योगी आदित्यनाथ महाराज द्वारा प्रदेश भर में 35 करोड़ फलदार और छायादार पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसी परिप्रेक्ष्य






