मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। तीन दिनों से जारी मूसलाधार बारिश के बीच शहर के कई हिस्सों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न होने पर पालिका चेयरपर्सन मीनाक्षी स्वरूप ने क्षेत्र की जनता को राहत देने की खातिर बारिश के बीच पालिका ईओ पवन कुमार और सभासदों के साथ फील्ड में उतरी और जल निकासी की समस्या बनने पर टीम को सक्रिय करते हुए सफाई कर्मियों के साथ मौके पर जनता के बीच पहुंच सीधा संवाद कर समस्याओं का जाना और उनके समाधान के लिए विभागीय समन्वय के साथ एक डिटेल रिपोर्ट बनाकर प्रस्तुत करने के लिए ईओ को निर्देशित किया।

भारी बारिश के बीच शुक्रवार को दूसरे दिन भी पालिका चेयरपर्सन मीनाक्षी स्वरूप ने जानसठ रोड, मीका विहार, गांधी कॉलोनी मेन रोड, गांधी वाटिका, केवलपुरी, बसंत विहार, साकेत, लद्दावाला, रामपुरी, केशवपुरी, भोपा रोड स्थित मॉल के सामने तथा कांवड़ मार्ग पर बझेड़ी अंडरपास सहित अनेक क्षेत्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने जलभराव से प्रभावित इलाकों में स्थानीय लोगों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और समाधान के लिए अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। बसंत विहार और साकेत क्षेत्र में तालाब के ओवरफ्लो होने से कई मकानों में पानी भर जाने की शिकायत पर पालिका अध्यक्ष स्वयं जलभराव वाले क्षेत्रों में पैदल पहुंचीं। उन्होंने मौके पर सफाई कर्मचारियों की टीम बुलाकर नालियों की सफाई कराई और जहां आवश्यकता महसूस हुई वहां जेसीबी मशीन लगवाकर नालों से अवरोध हटवाए, जिससे जल निकासी की व्यवस्था सुचारू हो सकी। गांधी कॉलोनी मेन रोड और भोपा रोड स्थित मॉल के सामने नाले के अवरुद्ध होने के कारण जल निकासी प्रभावित होने की शिकायत मिलने पर भी तत्काल कार्रवाई की गई। बारिश के बीच ही सफाई कर्मियों की टीम लगाकर नाले की सफाई कराई गई, जिससे जमा पानी की निकासी शुरू हो सकी।
निरीक्षण के दौरान केशवपुरी में निर्माणाधीन आरसीसी नाली को लेकर स्थानीय नागरिकों ने गुणवत्ता संबंधी शिकायतें दर्ज कराईं। जांच में पता चला कि उक्त निर्माण कार्य नगरपालिका के बजाय दूसरे विभाग द्वारा कराया जा रहा है। इस पर संबंधित विभाग के जूनियर इंजीनियर को जन शिकायतों का निस्तारण करने तथा निर्धारित मानकों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण निर्माण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही अधिशासी अधिकारी को संबंधित विभाग से पत्राचार कर तकनीकी खामियों को दूर कराने के लिए कहा गया।

कांवड़ मार्ग स्थित बझेड़ी अंडरपास में भारी जलभराव को देखते हुए पालिका की सुपर सोकर मशीन लगाकर पानी निकालने का कार्य कराया गया। जलकल विभाग के अधिकारियों को कार्य पूर्ण होने तक मौके पर मौजूद रहने के निर्देश दिए गए ताकि जल निकासी में किसी प्रकार की बाधा न आए। लद्दावाला और रामपुरी क्षेत्र में मुख्य मार्ग पर लंबे समय से बने जलभराव का भी निरीक्षण किया गया। स्थानीय लोगों से बातचीत के बाद अधिशासी अधिकारी को सड़क एवं नाला निर्माण की कार्ययोजना तैयार कर शीघ्र कार्य शुरू कराने के निर्देश दिए गए। लोगों को आश्वस्त किया गया कि समस्या के स्थायी समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
पालिका अध्यक्ष मीनाक्षी स्वरूप ने कहा कि लगातार हो रही भारी बारिश के बीच जमीनी स्तर पर हालात का आकलन करने के उद्देश्य से प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया गया है। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष जिन स्थानों पर जलभराव की समस्या सामने आई थी, वहां कराए गए सुधार कार्यों का सकारात्मक परिणाम इस बार देखने को मिला है। हालांकि कुछ निचले इलाकों में अभी भी जलभराव की समस्या बनी हुई है, जिसके समाधान के लिए नगरपालिका प्राथमिकता के आधार पर कार्य कर रही है। उन्होंने नागरिकों से भी सहयोग की अपील करते हुए कहा कि नालों और नालियों में कूड़ा-कचरा न डालें, ताकि जल निकासी व्यवस्था बाधित न हो। साथ ही अधिशासी अधिकारी को शहर के जलभराव वाले क्षेत्रों के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर शीघ्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे भविष्य में ऐसी समस्याओं का स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जा सके।
इस दौरान सभासद अमित पटपटिया, अभिजीत गंभीर, मौहम्मद खालिद, आदिल मलिक, इरशाद अंसारी, अधिशासी अधिकारी पवन कुमार, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अन्नू चौधरी, एई जलकल अनुज कुमार, जेई जलकल धर्मवीर और जितेन्द्र सैनी, एसएफआई प्लाक्षा मैनवाल और वैशाली सोती के अलावा जेएस एनवायरो सर्विसेज प्रा. लि. के प्रोजेक्ट हैड नीतेश चौधरी, अनुज कुमार और सफाई कर्मचारी मौजूद रहे।

वृक्षारोपण महाभियान में 12,000 से अधिक पौधों का रोपण करेगा सहकारिता विभाग मुज़फ्फरनगर : ठा० रामनाथ सिंह
मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रेरणा से “एक पेड़ मां के नाम” वृक्षारोपण महाभियान का आयोजन आगामी 12 जुलाई को होने जा रहा है। इस वृक्षारोपण अभियान के अन्तर्गत प्रदेश के मुख्यमन्त्री योगी आदित्यनाथ महाराज द्वारा प्रदेश भर में 35 करोड़ फलदार और छायादार पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसी परिप्रेक्ष्य






