मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। योगी सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत जिला प्रशासन ने भ्रष्टाचार के खिलाफ मिली शिकायत पर जांच में आरोप सही पाए जाने पर एसडीएम सदर प्रवीण कुमार द्विवेदी ने रिश्वत मांगने के आरोपी लच्छेडा क्षेत्र के लेखपाल बिजेन्द्र कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। आरोपी लेखपाल पर भारतीय किसान यूनियन के एक पदाधिकारी व एक ग्रामीण से सरकारी काम के एवज में सुविधा शुल्क मांगने का आरोप है। बीते दिनों इस मामले ने तूल तब पकड़ा जब भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक के जानसठ तहसील अध्यक्ष अंकित जावला ने अपने कार्यकर्ताओं के साथ तहसील परिसर में धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने एसडीएम को ज्ञापन के साथ पुख्ता सबूत भी सौंपे।
भाकियू नेता से 10 हजार की मांग: शिकायतकर्ता द्वारा सौंपे गए ऑडियो में लेखपाल बिजेन्द्र कुमार स्पष्ट रूप से सरकारी काम के बदले 10,000 रुपये मांगते और उस रकम को मोबाइल पर भेजने की बात कहते हुए सुनाई दे रहे थे। ग्रामीण से 5 हजार की घूस: इसी कड़ी में ग्राम मौलाहेड़ी निवासी अरविंद ने भी शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि रास्ते के एक विवाद को सुलझाने के लिए लेखपाल ने उनसे 5,000 रुपये की मांग की थी। उनके पास भी इस बातचीत का ऑडियो मौजूद था।
इस मामले में शिकायतों और ऑडियो साक्ष्यों की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम सदर प्रवीण कुमार द्विवेदी ने तुरंत नायब तहसीलदार कूकड़ा को प्रारंभिक जांच के आदेश दिए। जांच अधिकारी की रिपोर्ट में यह साफ हो गया कि ऑडियो में उक्त लेखपाल बिजेन्द्र कुमार ही रिश्वत की मांग कर रहे हैं, जिससे वे प्रथम दृष्टया दोषी पाए गए। एसडीएम सदर प्रवीण कुमार ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि लेखपाल की इस हरकत से राजस्व विभाग की गरिमा को भारी ठेस पहुंची है और यह राज्य कर्मचारी आचरण नियमावली का घोर उल्लंघन है। उक्त मामले में एसडीएम सदर प्रवीण कुमार द्विवेदी ने कड़ा संदेश देते हुए कहा कि विभाग में किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आरोपी के खिलाफ अनुशासनात्मक कदम उठाए गए हैं। एसडीएम सदर ने अपने आदेश में निलंबन अवधि के दौरान लेखपाल बिजेन्द्र कुमार को राजस्व निरीक्षक कार्यालय तहसील सदर से संबद्ध कर दिया गया है। वहीं तहसीलदार सदर को इस मामले का जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। उन्होंने जांच अधिकारी को 7 दिन के भीतर आरोप पत्र तैयार करने और एक महीने के अंदर अपनी विस्तृत जांच रिपोर्ट सौंपने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही निलंबित लेखपाल को इस दौरान केवल जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा और उन्हें कार्यालय में प्रतिदिन अपनी उपस्थिति दर्ज करानी होगी। एसडीएम सदर ने इस कार्रवाई की एक प्रति जिलाधिकारी को भी सूचनार्थ भेज दी गई है। प्रशासन के इस कड़े कदम से तहसील परिसर में हड़कंप मचा है।

जनपद पुलिस को मिली पड़ी कामयाबी, पकड़ी खाद की बड़ी कालाबाजारी
मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। सोमवार रात्रि में डीएम उमेश मिश्रा व एसएसपी संजय वर्मा के निर्देशन में जिला कृषि अधिकारी राहुल तेवतिया ने जानसठ पुलिस और एसओजी टीम के साथ मिलकर अनुदानित यूरिया की कालाबाजारी को पकडा। उक्त मामले में जानसठ क्षेत्र स्थित कवाल पुल के नीचे दो पिकअप, एक कैंटर और एक कार को पकडा गया






