मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। जनपद न्यायालय मुजफ्फरनगर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया।
लोक अदालत का शुभारंभ जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, मुज़फ्फरनगर बिरेंद्र कुमार सिंह द्वारा दीप प्रज्जवलित कर किया गया। जनपद न्यायाधीश द्वारा अपने सम्बोधन में राष्ट्रीय लोक अदालत के महत्व पर प्रकाश डालते हुए यह कहा गया कि लोक अदालत में होने वाले फैसले में हार जीत का कोई प्रश्न नहीं रह जाता है, क्योंकि जब वादकारी आपसी समझौते के आधार पर वाद का निस्तारण करते हैं तो उनके मध्य आपसी सौहार्द बना रहता है एवं उनके अमूल्य समय की बचत भी होती है। उनके द्वारा यह भी कहा गया कि लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य वादकारियों को सरल, सुलभ एवं त्वरित न्याय प्रदान करना है। जनपद न्यायाधीश द्वारा सभागार में उपस्थित बैंक अधिकारियों को यह निर्देश दिया गया कि वे ऋण के मामलों में ग्राहकों को अधिकतम छूट देते हुए प्रकरणों का निस्तारण करना सुनिश्चित करें।
इस अवसर पर प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय श्री खलीकुज्जमा ने पारिवारिक मामलों को सुलह समझौते के आधार पर निस्तारित किये जाने पर बल दिया। आज लोक अदालत में पारिवारिक न्यायालयों के द्वारा 64 मामलों का सुलह समझौते के आधार पर निस्तारण किया गया।
लोक अदालत के नोडल अधिकारी अपर जिला जज श्री रवि कुमार दिवाकर द्वारा अपने सम्बोधन में यह कहा गया कि राष्ट्रीय लोक अदालत विवादों को सुलह-समझौते के माध्यम से निस्तारित कराने का एक बहुत बड़ा माध्यम है तथा त्वरित न्याय प्राप्त करने का एक अत्यन्त महत्वपूर्ण साधन है। लोक अदालत समाज के वंचित और कमजोर वर्ग के व्यक्तियों के लिये वरदान साबित हो रही है।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सिविल जज (सी०डि०)/सचिव, डॉ० सत्येन्द्र कुमार चौधरी ने बताया कि इस राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल चार लाख बत्तीस हज़ार पाँच सौ चौरासी (4,32,584) प्रकरण निस्तारित किये गये।
पीठासीन अधिकारी मोटर दुर्घटना दावा प्राधिकरण, श्रीमती आदेश नैन के द्वारा कुल 56 वादों का निस्तारण राष्ट्रीय लोक अदालत में किया गया व 6,11,36,627/- रूपये प्रतिकर प्रदान किया गया।
जनपद न्यायालय मुजफ्फरनगर, के विभिन्न न्यायालयों के द्वारा कुल 6,190 शमनीय फौजदारी वादों का निस्तारण करते हुए शमनीय फौजदारी वादों मे 7,27,840/- रूपये का अर्थदण्ड वसूल किया गया तथा 33 दीवानी वादों का निस्तारण किया गया।
जनपद न्यायालय मुजफ्फरनगर, 138 एन०आई०एक्ट न्यायालय के द्वारा कुल 31 वादों का निस्तारण करते हुए 2,97,44,389/- रूपये का अर्थदण्ड वसूल किया गया।

जिलाधिकारी उमेश मिश्रा के नेतृत्व में राजस्व अधिकारियों द्वारा कुल 15,876 राजस्व मामलों का निस्तारण कर 4,54,69,965/- रूपये का राजस्व वसूल किया गया । इस राष्ट्रीय लोक अदालत में विभिन्न बैंकों के द्वारा 384 बैंक ऋण मामले निस्तारण कराकर लगभग 5,62,86000/- रुपये की धनराशि का सेटलमेंट किया गया। इस अवसर पर जिला बार संघ के अध्यक्ष प्रमोद त्यागी, महासचिव सुरेन्द्र मलिक, सिविल बार संघ के अध्यक्ष सुगंध जैन, महासचिव सतेन्द्र कुमार, अपर जिला जज विष्णु चन्द्र वैश्य, अनुराग पंवार, मनोज कुमार सिंह, रेखा सिंह, काशिफ शेख, ज्योति सिंह, दिनेश प्रताप सिंह, मंजुला भलोटिया, ज्योत्सना सिवाच, रवि कुमार दिवाकर, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कविता अग्रवाल, अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट डॉ० देवेन्द्र सिंह फौजदार, सिविल जज (सी०डि०) रघुवंश मणी सिंह, अपर सिविल जज (सी०डि०) सोनम गुप्ता, जसीम खान, सिद्वार्थ बरगोटी, सिविल जज (जू०डि०) ईशिका सिंह, अपर सिविल जज (जू०डि०) शालिनी चौधरी, अनिष्का चौधरी, मणी वर्मा, शिवजी यादव, वृाहय न्यायालय सिविल जज जू०डि० जानसठ अभिषेक कुमार, वृाहय न्यायालय सिविल जज जू०डि० बुढाना, अमित यादव, ग्राम न्यायालय खतौली दिव्य प्रताप सिंह निमेष, भारतीय स्टेट बैंक के डीजीएम राजकुमार सिंह, एजीएम सुधीर कुमार व लीड बैंक डिस्ट्रिक्ट मैनेजर सुरेन्द्र सिंह, सहित समस्त न्यायिक अधिकारी, समस्त बैंकों के अधिकारी एवं बडी संख्या में वादकारी उपस्थित रहे।

ग्रेन चैंबर पब्लिक स्कूल जूनियर विंग में मातृ दिवस हर्षोल्लास से संपन्न
मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। ऊपर जिसका अंत नहीं, उसे ‘आसमां’ कहते हैं। इस जहां में जिसका अंत नहीं, उसे ‘मां’ कहते हैं।। स्थानीय ग्रेन चैंबर पब्लिक स्कूल जूनियर विंग में मातृदिवस हर्षोल्लास से मनाया गया। इस अवसर पर आज की मुख्य अतिथि शशि गर्ग, आशा संगल व रेनू गोयल है। इसी के साथ-साथ विद्यालय के उपाध्यक्ष महेश






