मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। नगर पालिका आउटसोर्स सफाई कर्मियों से जुड़े एक मामले के चलते 397 कर्मचारियों का वेतन बीते 3 माह से अटका है। ठेकेदार फर्मों की उक्त कथित धोखाधड़ी ने कर्मियों को आर्थिक तंगी में धकेल दिया, वहीं पालिका प्रशासन पर अब इन कर्मियों का वेतन जारी कराने का मार्ग तलाश के दबाव के बीच चेयरपर्सन ने भरोसा दिया कि जल्द बोर्ड बैठक बुलाकर समस्या समाधान कराया जायेगा।
नगरपालिका में आउटसोर्स के माध्यम से कार्यरत सफाई कर्मियों व वाहन चालकों का वेतन संकट लगातार गहराता जा रहा है। नगर पालिका में कर्मचारियों की आपूर्ति कर रही ठेकेदार फर्मो आरवाई सिक्योरिटी एंड इंटेलिजेंस प्रा. लि. प्रयागराज व अलर्ट सिक्योरिटास प्रा. लि. पर ईपीएफ के नाम पर गबन किए जाने का आरोप सामने आया है। इसके चलते इन फर्मों के अधीन कार्यरत 397 कर्मियों को नवंबर, दिसंबर और जनवरी माह का वेतन नहीं मिला है। इन 397 कर्मियों में 369 सफाईकर्मी और 28 वाहन चालक शामिल हैं। 3 माह से वेतन न मिलने से कर्मचारियों और उनके परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। जांच में गंभीर तथ्य उजागर हुआ है कि अलर्ट सिक्योरिटास प्रा. लि. ने कर्मियों के ईपीएफ के नाम पर बड़े स्तर पर धोखाधड़ी की। फर्म ने नगर पालिका के समक्ष फर्जी चालान प्रस्तुत कर 17,4,357 रुपये की ईपीएफ राशि को जमा दिखा दी, जबकि वास्तविकता में मात्र 69 हजार 494 रुपये जमा किए गए। इस घोटाले के सामने आने के बाद ईओ डॉ. प्रज्ञा सिंह ने दोनों आपूर्तिकर्ता फर्मों के खिलाफ कार्रवाई की और विधिक प्रक्रिया भी शुरू कराई। फर्मों के भुगतान पर रोक लगाए जाने के बाद से कर्मियों का वेतन पूरी तरह अटक गया, जिससे आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
रविवार प्रात: सफाई कर्मचारी संघ के महामंत्री मिलन कुमार, राजकुमार, सोनू बेनीवाल और पाल्ले राम के नेतृत्व में सफाई कर्मियों ने पटेलनगर पहुंचकर चेयरपर्सन मीनाक्षी स्वरूप से भिेंट कीे और अपनी पीड़ा साझा की। इस दौरान भाजपा नेता गौरव स्वरूप भी मौजूद रहे। उन्होंने कर्मचारियों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए ईओ से बातचीत कर शीघ्र समाधान के लिए कहा।
चेयरपर्सन मीनाक्षी स्वरूप ने कर्मचारियों को आश्वासन देते हुए कहा कि जल्द बोर्ड बैठक बुला कर उनके वेतन भुगतान के लिए प्रस्ताव लाया जाएगा, ताकि रुका हुआ वेतन शीघ्र जारी किया जा सके। उन्होंने भरोसा दिलाया कि कर्मियों की ईपीएफ की बकाया राशि भी उन्हें दिलाई जाएगी। इसके लिए गड़बड़ी करने वाली ठेकेदार फर्मों के खिलाफ भी रिकवरी की कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश ईओ को देने के साथ संबंधित फर्म के ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया पूरी कर ली है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी स्थिति में कर्मचारियों का आर्थिक अहित नहीं होने दिया जाएगा और दोषी फर्मो के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।






