मुजफ्फरनगर। पालिका चेयरपर्सन के आवास पर सोमवार को उस समय हंगामा खड़ा हो गया, जब सुबह जनता दरबार लगा होने के बीच आवास के सामने सड़क पर आईजीएल की पाइपलाइन डालने के लिए ठेकेदार ने मजदूर लगाकर गड्ढÞे खुदवा दिये। यहां पहुंचे सभासदों ने जब देखा तो उन्होंने हाल में बनाई गई सड़क को खोदे जाने पर नाराजगी जताते हुए कर्मचारी को वहां से भगा दिया और गड्ढÞों को बंद कराया। इसकी जानकारी जब चेयरपर्सन को दी गई तो उन्होंने बिना अनुमति के सड़क खोदे जाने पर कड़ी नाराजगी जताते हुए आईजीएल कंपनी को पत्र लिखते हुए जवाब तलब करने के साथ कानूनी कार्यवाही की चेतावनी दी।
जी हां, इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड आईजीएल द्वारा नगरीय क्षेत्र में गैस पाइपलाइन डाले जाने के नाम पर आए दिन ऐसा ही किया जा रहा है। इस पाइपलाइन को डालने के लिए नगरपालिका परिषद् से अनुमति लिया जाना अनिवार्य है, लेकिन आईजीएल पर लगातार नियमों के खिलाफ सड़कों को खोदने के आरोप लगते रहे हैं। इस बीच सोमवार को पटेलनगर नई मंडी स्थित पालिका चेयरपर्सन मीनाक्षी स्वरूप के आवास के समक्ष ही सड़क को खोदकर गड्ढे करवा दिए। यहां पहुंचे सभासद देवेश कौशिक और युवा भाजपा नेता विकल्प जैन ने जब यह देखा तो तब तक मजदूरों को लगाकर ठेकेदार 5 गहरे गड्ढे खुदवा चुका था। सभासदों ने मौके पर मजदूरों को हड़काया और ठेकेदार शिशिर भारद्वाज को मौके पर बुलाया। उन्होंने सड़क खोदने की अनुमति दिखाने के लिए कहा तो ठेकेदार ने अनुमति होने से इंकार कर दिया, इसे लेकर उसको फटकार लगाते हुए तत्काल ही सभी गड्ढों को बंद कराया और इस संबंध में चेयरपर्सन को भी अवगत कराया।
वार्ड सभासद देवेश कौशिक ने बताया कि आईजीएल को नगर पालिका ने मात्र 2023 तक ही पाइपलाइन बिछाने को अनुमति प्रदान की थी, इसके बाद कोई अनुमति नहीं दी गई, लेकिन बिना अनुमति के आईजीएल बीते दो वर्षो से पाइप लाइन डालने के लिए शहरी क्षेत्र में सड़कें खोद रही है। उधर, ठेकेदार शिशिर भारद्वाज ने बताया कि वर्तमान में आईजीएल कंपनी में लंबित पाइपलाइन के प्रकरणों का काम कर रहे हैं। उनके पास कोई भी अनुमति नहीं है, लेकिन यह कार्य जरुरी होने के कारण कंपनी के कहने पर करा रहे थे। चेयरपर्सन आवास के समक्ष वाली साइड में करीब 100 मीटर पाइप लाइन का कार्य काफी दिनों से लंबित है। इसके लिए गड्ढे कराए गए थे, जिन्हें सभासदों के ऐतराज के बाद बंद करा दिया गया है।
इन्होंने कहा-
चेयरपर्सन मीनाक्षी स्वरूप ने बताया कि बिना अनुमति के ही सोमवार को उनके आवास के समक्ष आईजीएल पाइपलाइन डालने का प्रकरण सामने आया। इसमें निर्माण विभाग जेई कपिल कुमार को नियमानुसार कार्यवाही करने के लिए कहा गया है। साथ ही उनसे रिपोर्ट मांगी गई है। जहां भी कंपनी द्वारा बिना अनुमति के सड़क निर्माण को क्षति पहुंचाई है, उसकी जानकारी मिलने पर कंपनी से क्षतिपूर्ति वसूलने और उनके खिलाफ कानूनी कार्यवाही करने के लिए निर्देशित किया है।







