मुजफ्फरनगर। सौर ऊर्जा नीति 2022 के तहत एमएनआरई, भारत सरकार द्वारा संचालित पीएम कुसुम घटक सी-1 योजनान्तर्गत प्रदेश में किसानों के विभिन्न क्षमता के स्थापित कृषि विद्युत सिंचाई पम्पों को सोलराईजेशन किया जाना है। केन्द्र सरकार द्वारा अनुमन्य 30 प्रतिशत अनुदान के अतिरिक्त अनुसूचित जनजाति, वनटांगिया एवं मुसहर जाति के कृषकों हेतु राज्य अनुदान 70 प्रतिशत अनुमन्य किया गया है। इस प्रकार उक्त जातियों को 100 प्रतिशत अनुदान पर संयंत्र स्थापित कराये जाते है। अन्य श्रेणी के कृषकों हेतु केन्द्रीय अनुदान 30 प्रतिशत के अतिरिक्त 60 प्रतिशत राज्य अनुदान अनुमन्य है। कुल 90 प्रतिशत अनुदान देय है। अवशेष 10 प्रतिशत अंशदान कृषकों द्वारा देय होगा। पीएम कुसुम घटक सी-1 योजनान्तर्गत वर्ष 2025-26 में जनपद में विभिन्न क्षमता (03 एचपी, 05 एचपी, 7.5 एचपी एवं 10 एचपी) के कृषकों के निजी विद्युत सिंचाई पम्पों का सोलराईजेशन कराया जाना है। यह संयंत्र आॅनग्रिड है। बिजली रहे, या ना रहे किसान का पम्प दिन में चलता रहेगा। जिस दिन किसान पम्प नहीं चलायेंगे। उस दिन उत्पादित विद्युत बिजली विभाग को चली जायेगी। जितनी यूनिट किसान विद्युत विभाग को देगा, उसका भुगतान प्रति यूनिट 3 रुपए मात्र के हिसाब से विभाग करेगा। जिससे किसान की आय में बढ़ोतरी होगी तथा ग्रीन ऊर्जा, स्वच्छ ऊर्जा उत्पादित कर कार्बन उत्सर्जन कम करने में देशहित में सहयोग करेगा।

एमएलसी शिक्षक एवं स्नातक सीट मतदान के दौरान किया चुनाव प्रेक्षक ने डीएम-एसएसपी संग निरीक्षण
मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। शुक्रवार को मुजफ्फरनगर में हुए एमएलसी स्नातक एवं शिक्षक सीट चुनाव को निष्पक्ष, शांतिपूर्ण, निर्विघ्न एवं सकुशल सम्पन्न कराने तथा कानून एवं शांति व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के उद्देश्य से डीएम उमेश मिश्रा, एसएसपी सूरज कुमार राय एवं चुनाव पर्यवेक्षक राजशेखर आईएएस द्वारा संयुक्त रूप से मतदान केन्द्रों का निरीक्षण किया। इस






