मुजफ्फरनगर। भीषण गर्मी के बीच जिले की जनता को शुद्ध एवं स्वस्थ खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने की दिशा में जिला खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम सक्रिय होती नजर आने लगी है। हालांकि टीम की कोई बड़ी कार्रवाई होने के बजाए दिखावा करने के तमाम आरोप लगते रहे हैं। इन्हीं आरोपों से घिरी खाद्य विभाग की टीम बीते कई दिनों से जनपद में लगातार अभियान चलाने में जुटी है। इसी कड़ी में शनिवार को भी भीषण गर्मी के मौसम के बीच में खाद्य पदार्थों में मिलावट के साथ नगरीय क्षेत्र में सड़े, गले और कटे फलों के कारोबार को रोकने के लिए टीम ने अभियान चलाने के साथ सड़क पर उतर जांच पड़ताल की।
मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी शिवकुमार मिश्र ने बताया कि आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन लखनऊ के आदेश तथा डीएम उमेश मिश्रा के निर्देशों के अनुपालन में भीषण गर्मी के मौके पर खाद्य पदार्थ में मिलावट तथा सड़े, गले और कटे फलों की हो रही ब्रिकी को रोकने के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत जनपद मुजफ्फरनगर में सहायक आयुक्त खाद्य एवं सुरक्षा अर्चना धीरान के नेतृत्व में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम द्वारा मैसर्स मान रियलबेस्ट आइसक्रीम जनकपुरी कॉलोनी से छापेमारी करते हुए आइसकैंडी घोल तथा आइसक्रीम का एक-एक नमूना संग्रहित किया। टीम को उक्त प्रतिष्ठान में आइसक्रीम एवं आइसकैंडी बनाने में प्रयोग किए जा रहे पानी की भी जांच कराने एवं प्रतिष्ठान में साफ सफाई ठीक करने के लिए निर्देशित किया। इसके अतिरिक्त शनिवार को खाद्य विभाग की टीम ने नगर क्षेत्र में फल विक्रय प्रतिष्ठानों का निरीक्षण करते हुए लगभग 25 किलोग्राम सड़े, गले और कटे हुए फलों को विनष्ट कराया। साथ ही उक्त संग्रहित नमूनों को खाद्य प्रयोगशाला लखनऊ को जांच हेतु प्रेषित किया गया। उन्होंने बताया कि जब्त नमूनों की जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद खाद्य सुरक्षा व मानक अधिनियम 2006 के अंतर्गत अग्रिम विधिक कार्यवाही की जाएगी। छापेमारी के दौरान टीम में खाद्य सुरक्षा अधिकारी सुनील कुमार, विशाल चौधरी व मनोज कुमार सम्मिलित रहे।






