मुजफ्फरनगर। जिला पंचायत सभागार में संभावित हीट वेव व तेज गर्मी से होने वाली संभावित हानि से बचाव एवं जागरूकता के लिए एडीएम ने बैठक लेकर अफसरों की जिम्मेदारियां तय की। उन्होंने कहा कि नुकसान से बचने को सभी विभाग समय से रणनीति पर काम करें, ताकि कोई परेशानी सामने न आये। उन्होंने कहा कि जिले के सरकारी, अर्द्धसरकारी कार्यालयों में प्राथमिक चिकित्सा किट रखें, जिसमें ओआरएस के पैकेट पर्याप्त मात्रा में हो। स्कूल व कॉलेजों में इसका अनुपालन किया जाये। वहीं लू से बचाव की जागरूकता के लिये सभी सरकारी, अर्द्धसरकारी कार्यालयों में फ्लैक्स आदि लगवाये जायें। महत्वपूर्ण विषय पर संपन्न बैठक में कई विभागों के अधिकारियों के गैरहाजिर होने पर एडीएम ने नाराजगी जताते हुए परिवहन, विद्युत, उद्यान विभाग सहित कई अफसरों से स्पष्टीकरण मांगा है।
एडीएम वित्त गजेन्द्र कुमार ने बैठक में कहा कि लू एवं तेज गर्मी जानलेवा भी हो सकती है। उन्होंने जनसाधारण को चेताया कि लू से बचाव के लिये अधिक से अधिक पानी का सेवन किया जाये। हल्के रंग के पसीना शोषित करने वाले सूती वस्त्र पहने। धूप के चश्मे, छाता, टोपी व चप्पल का प्रयोग करें। अगर आप खुले में कार्य करते हैं तो सिर, चेहरा, हाथ, पैरों को गीले कपड़े से ढक कर रखें तथा छाते का प्रयोग करें। लू से प्रभावित व्यक्ति को छाया में लिटाकर सूती गीले कपड़े से पोंछे या नहलायें व चिकित्सक से सम्पर्क करें। उन्होंने कहा कि यात्रा करते समय पीने का पानी साथ रखें। ओआरएस, घर में बने पेय पदार्थ जैसे-लस्सी, चावल का पानी, नींबू पानी, छाछ आदि का उपयोग करें, ताकि शरीर में पानी की कमी की भरपाई हो सके। हीट स्ट्रोक, हीट रैश, हीट क्रैम्प के लक्षणों जैसे कमजोरी, चक्कर, सरदर्द, उबकाई, पसीना आना, बेहोशी आदि को पहचान लिया जाये। उन्होंने बताया कि यदि बेहोशी या बीमारी अनुभव करते हंै तो तुरन्त चिकित्सकीय सलाह लें। बैठक में तहसीलदार खतौली श्रद्धा गुप्ता, डीएसओ राघवेन्द्र कुमार ंिसंह, बुढ़ाना व भोकरहेड़ी ईओ आलोक रंजन, पुरकाजी व जानसठ के ईओ मनीष वर्मा, एआरएम रोडवेज राकेश कुमार, बीडीओ खतौली विशाखा, बीडीओ अकसीर खां, सहायक अभियन्ता सिंचाई अनस खां, जिला कृषि रक्षा अधिकारी यतेन्द्र सिंह सहित जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।





