मुजफ्फरनगर। नगरपालिका परिषद् शीघ्र गरीबों का कल्याण करने के लिए अब निर्धन और निम्न एवं मध्यम वर्गीय परिवारों की बेटियों का मण्डप सजाने का भी काम करने जा रही है। करीब 358 लाख की लागत से मुख्यमंत्री कल्याण मंडप योजना में जिले का पहला कल्याण मंडप बारात घर शहर में बनकर तैयार है। पालिका नें इस मंडप को हैंड ओवर करने के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके लिए पालिका में कार्यदायी संस्था जल निगम ने हस्तान्तरण प्रपत्र उपलब्ध कराते हुए कार्य पूर्ण होने की जानकारी दी है। पालिका ईओ ने निर्माण विभाग से कार्य स्थल का निरीक्षण करते हुए चेक लिस्ट के बीच निर्माण कार्य का परीक्षण कर रिपोर्ट मांगी है ताकि समय से कल्याण मण्डप को जनता को समर्पित करते हुए इसका लाभ मिल सके।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा गरीब परिवारों की बेटियों के विवाह के आयोजन के लिए एक निश्चित स्थल तय करने के लिए सभी जनपदों के निकायों में एक-एक कल्याण मण्डप बारात घर निर्मित करने का ऐलान किया था। इसके लिए दिसम्बर 2022 में शासनादेश के तहत निकायों से कल्याण मंडप निर्माण के लिए भूमि उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे। मुजफ्फरनगर में कल्याण मंडप के लिए नगरपालिका परिषद् ने रुड़की रोड स्थित पालिका के पुराने बारात घर की भूमि को कार्यदायी संस्था कंस्ट्रक्शन एण्ड डिजाइन सर्विसेज उत्तर प्रदेश जल निगम नगरीय को उपलब्ध करा दी थी। सरकार ने दो किश्तों में इसके लिए नगरपालिका परिषद् को बजट धनराशि भी अवमुक्त कर दी थी। कार्यदायी संस्था के परियोजना प्रबंधक रवि प्रताप सिंह ने कार्य पूर्ण होने के बाद दो मंजिला कल्याण मंडप को पालिका को हैंड ओवर करने को हस्तांतरण प्रपत्र ईओ प्रज्ञा सिंह को उपलब्ध कराते हुए शीघ्र प्रक्रिया पूर्ण करने के लिए आग्रह किया है। इसमें बारात को ठहराने और भोजन आदि के लिए दो हॉल, मण्डप, किचन, शौचालय, पेयजलापूर्ति के लिए सबमर्सिबल पम्प के साथ ही वाटर हार्वेस्टिंग व्यवस्था के साथ ही शासनादेश के अनुसार सभी कार्य पूर्ण कराए गए हैं। उन्होंने बताया कि जल निगम द्वारा अक्टूबर 2023 को इसमें निर्माण कार्य शुरू किया था और 25 फरवरी 2025 को सभी कार्य शत प्रतिशत पूर्ण करा लिये गये हैं।
इन्होंने कहा-
ईओ डॉ. प्रज्ञा सिंह ने बताया कि रुड़की रोड पुलिस चौकी के सामने पालिका भूमि पर कल्याण मण्डप बनाया गया है। कार्यदायी संस्था सी एण्ड डीएस उ.प्र. जल निगम नगरीय द्वारा भवन निर्मित कराते हुए अब हस्तांतरण प्रपत्र उपलब्ध कराया है। इसमें एई निर्माण को मौके पर निर्माण कार्य का निरीक्षण करते हुए भौतिक सत्यापन के साथ रिपोर्ट देने के लिए कहा है। इसके बाद आगे की प्रक्रिया पूर्ण की जायेगी।







