मुजफ्फरनगर। नगरीय क्षेत्र में बेतरतीब वाहनों के आवागमन और जिले के जिम्मेदार अफसरों की उपेक्षा के चलते यातायात व्यवस्था लंबे समय से बेपटरी होती दिख रही है। बुधवार को ऐसे हालातों के बीच नगर के मुख्य बाजारों और चौराहों पर जाम से लोग कराह उठे, जब नगर में संत रविदास जी जयंती पर शोभायात्रा भ्रमण पर थी। हालांकि जिला पुलिस और प्रशासन ने यातायात व्यवस्था को सुधारने के तमाम इंतजाम किए जाने का दावा किया, लेकिन मुख्य बाजारों और तमाम चौराहों के साथ उससे सटी सभी गलियों में वाहनों की लंबी कतार लग जाने से जाम लग गया, जिसमें अपने वाहनों को निकालने की जल्दी में हर ओर जाम के झाम से लोग कराह उठे। नगरीय क्षेत्र में जाम की स्थिति सुधारने की खातिर शिवचौक पर एडीएम प्रशासन नरेन्द्र बहादुर सिंह और एसपी सिटी सत्यनारायण प्रजापत के उतरने एवं घंटों की मशक्कत के बाद शोभायात्रा निकल जाने के बाद राहत मिली।
नगरीय क्षेत्र में जाम का झाम एक बड़ी समस्या बन चुकी है, जिसमें सुधार की कोई योजना तमाम विरोध और धरना प्रदर्शन के बाद अफसरों की सोच के अभाव में दम तोड़ती दिखाई दे रही है। कहना गलत न होगा कि नगरीय क्षेत्र में जाम का बड़ा कारण स्कूल-कॉलेजों की छुट्टी के समय में बदलाव के अभाव और मुख्य बाजारों में दुकानों के बाहर खड़े बेतरतीब वाहनों के साथ बिना पंजीकरण चल रही ई-रिक्शाओं को माना जा सकता है। उक्त ई-रिक्शाओं के कारण सर्वाधिक जाम लगा रहता है, जो बड़ी समस्या बन चुकी है। इन ई-रिक्शाओं का रूट तय न होने के साथ सड़क पर एकाएक कहीं भी सवारी को देखकर रोक देने और मुख्य बाजारों में बिना सवारी के इधर से उधर धूमने को भी माना जा सकता है। जिला प्रशासन पूर्व में ई-रिक्शाओं के संचालन को लेकर तमाम दावे तो कर चुका है, लेकिन सोच के अभाव में रूट तय किए जाने के साथ बिना पंजीकरण संचालित हो रही ई-रिक्शाओं पर अंकुश न लगाए जाने को बड़ा कारण कहा जा सकता है। ऐसे ही हालातों में बुधवार को नगर क्षेत्र जाम के झाम से कराह उठा और घंटों तक बीमार, बच्चे और महिलाओं को इस जाम से जूझना पड़ा। नगर में हर ओर लगे जाम को खुलवाने के लिए हालांकि यातायात पुलिस ने अस्पताल तिराहे के साथ झांसी की रानी, हनुमान मंदिर शिवचौक की ओर जाने वाले वाहनों को रोकने की पहल की, लेकिन संपर्क मार्गों से निकले वाहनों के साथ एक दूसरे से आगे निकलने की होड़ में मुख्य बाजारों से गली-मौहल्लों में हर ओर जाम की स्थिति बन गई, जिसको खुलवाने के लिए पुलिस प्रगशासन को घंटों तक मशक्कत करनी पड़ी, तब कहीं जाकर जाम के झाम से लोगों को मुक्ति मिली।







