मुजफ्फरनगर। योगी सरकार की पहल पर जनपद में सिंचाई पम्पों को सोलराईज करने की योजना पूर्ण जानकारी के अभाव में परवान नहीं चढ़ पा रही है। किसानों के इस दिशा में प्रेरित न हो पाने और अधिक संख्या में आवेदन न आने के कारण यह योजना दम तोड़ रही है। शासन स्तर से जिले को 200 किसानों के निजी विद्युत सिंचाई पम्पों को सोलरार्डज करने का लक्ष्य तय किया गया है, लेकिन अभी तक जनपद में मात्र 16 किसानों की ओर से ही आवेदन प्राप्त हुए है।
सरकार की प्रधानमंत्री कुसुम घटक सी-1 योजनान्तर्गत यूपी में किसानों के विभिन्न क्षमता के स्थापित कृषि विद्युत सिंचाई पंपों को सोलराईज किया जाना है। केन्द्र सरकार की ओर से इस योजना में पात्र किसानों को जहां अनुमन्य 30 प्रतिशत अनुदान के अतिरिक्त अनुसूचित जनजाति, वन टांगिया एवं मुसहर जाति के किसानों के लिए राज्य अनुदान 70 प्रतिशत अनुमन्य किया गया है। कहना गलत न होगा कि इस प्रकार इन जातियों को सरकार की ओर से शत-प्रतिशत अनुदान पर संयंत्र स्थापित कराये जाते हैं। इसके अलावा अन्य श्रेणी के किसानों को केन्द्रीय अनुदान 30 प्रतिशत के अतिरिक्त 60 प्रतिशत राज्य अनुदान की ओर से अनुमन्य है। यानि कुल 90 प्रतिशत अनुदान देय है। शेष 10 प्रतिशत अंशदान किसानों की ओर से देय होगा। सरकार की योजना के तहत वर्ष 2024-25 में प्रदेश हेतु विभिन्न क्षमता 03 एचपी 05 एचपी 7.5 एचपी एवं 10 एचपी के 200 कृषकों के निजी विद्युत सिंचाई पम्पों का सोलराईजेशन करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। स्थापित मीटर्ड निजी विद्युत सिंचाई पम्पों के सोलराईजेशन हेतु सोलर पॉवर प्लांट स्थापना में किसानों से आॅनलाईन आवेदन यूपीनेडा के पोर्टल पर प्राप्त किये जा रहे है। योजना में इस बीच किसानों को कृषक अंशदान देना होगा।
इन्होंने कहा-
पीडी यूपीनेडा भजन लाल सिंह ने बताया कि शासन स्तर से जिले को 200 किसानों के निजी विद्युत सिंचाई पम्पों को सोलाईज करने का लक्ष्य तय है, जिसमें से जनपद में अभी तक 16 किसानों के आवेदन प्राप्त हुए है। उन्होंने बताया कि किसानों को इसके प्रति जागरूक करने को कैंप आयोजित किए जा रहे हैं।






