मुजफ्फरनगर। आज यहां डी एस पब्लिक स्कूल में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर, उनको श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए उनके चित्र पर पुष्प अर्पित करके उन्हें भाव पूर्वक पुष्पांजलि दी गई। इस अवसर पर देश की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व बलिदान करने वाले शहीदों को श्रद्धांजलि देते हुए उनकी स्मृति में मौन भी रखा गया । आज विद्यालय में उपस्थित शिक्षक शिक्षिकाओं तथा विद्यार्थियों ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के चित्र पर पुष्प अर्पित करके उनको भावपूर्वक नमन किया। स्कूल एजुकेशन डायरेक्टर संतोष जैन तथा प्रधानाचार्य गगन शर्मा ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के चित्र पर पुष्प अर्पित करते हुए विद्यार्थियों को गांधी जी के जीवन आदर्शों एवं मूल्यों के विषय में बताया।
प्रधानाचार्य गगन शर्मा ने बापू के चित्र पर पुष्प अर्पित करते हुए एवं उनको श्रद्धा पूर्वक नमन करते हुए कहा कि गांधी जी का पूरा जीवन न केवल हमारे लिए बल्कि पूरे विश्व के लिए अनुकरणीय हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को महात्मा गांधी के द्वारा देश की आजादी के लिए किए गए संघर्ष तथा समाज के शोषित वर्ग के उत्थान के लिए उनके द्वारा चलाए गए आंदोलनो के विषय में बताया। उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि गांधी जी के आदर्श हमें हमेशा अन्याय के विरुद्ध संघर्ष करने की प्रेरणा देते रहेंगे। गांधी जी द्वारा दिखाया गया सत्य और अहिंसा का मार्ग आज भी अन्याय के विरुद्ध संघर्ष करने का श्रेष्ठ माध्यम माना जाता है। स्कूल एजुकेशन डायरेक्टर संतोष जैन ने भी गांधीजी के चित्र पर पुष्प अर्पित करते हुए एवं उन्हें नमन करते हुए विद्यार्थियों को गांधी जी द्वारा चलाए गए विभिन्न आंदोलनों के विषय में बताया। उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि गांधी जी हर प्रकार के अन्याय एवं शोषण के खिलाफ थे। उन्होंने दक्षिण अफ्रीका की भूमि से रंगभेद के विरुद्ध अपना संघर्ष शुरू किया था । दक्षिण अफ्रीका में उन्होंने वहां के निवासियों के साथ हो रहे अन्याय एवं अत्याचार के विरुद्ध आवाज उठाई तथा उन्हें समान अधिकार दिलवाएं। भारत आने पर गांधी जी ने स्वतंत्रता आंदोलन की अगुवाई करते हुए देश की आजादी के लिए असहयोग आंदोलन ,भारत छोड़ो आंदोलन, नमक कानून एवं सत्याग्रह जैसे आंदोलन चला कर अंग्रेजों को भारत छोड़ने के लिए विवश कर दिया। उन्होंने विद्यार्थियों को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के देश की आजादी एवं निर्माण में उनके समर्पण के विषय में विस्तार से बताया। उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि देश के स्वतंत्रता संग्राम से लेकर कई समाज सुधार आंदोलनों से महात्मा गांधी ने भारतीय जनमानस को अन्याय तथा अत्याचार के विरुद्ध लड़ने के लिए प्रेरित किया। गांधी जी के आदर्श ,सत्य, अहिंसा ,सदाचार तथा विश्व बंधुत्व आज भी न केवल हमारे लिए बल्कि पूरे विश्व के लिए प्रेरणा के स्रोत हैं। देश की आजादी के आंदोलनों के साथ-साथ गांधी जी ने समाज में भी व्याप्त कुरीतियों जैसे अस्पृश्यता ,जातिगत भेदभाव अशिक्षा आदि के उन्मूलन के लिए भी देशव्यापी आंदोलन चलाए । उनका शिक्षा दर्शन आज भी सर्वश्रेष्ठ शिक्षा दर्शनों में से माना जाता है। गांधी जी ने आत्मनिर्भर बनाने वाली शिक्षा पद्धति पर जोर दिया। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को पुष्पांजलि देते हुए स्कूल एजुकेशन डायरेक्टर श्रीमती संतोष जैन ने कहा कि गांधी जी का मानना था कि मजबूत भारत तभी बन सकता है जब भारत के गांव आत्मनिर्भर तथा विकसित हो। गांधी जी के विचारों से तथा उनके आदर्शों से प्रेरणा लेकर भारत के साथ-साथ कई देशों में अत्याचारों तथा अन्याय के विरुद्ध प्रतिकार के रूप में सफल आंदोलन चलाए गए । उन्होंने कहा कि अन्याय एवं अत्याचार के प्रतिकार के लिए आज भी गांधीवादी मार्ग श्रेष्ठ मार्ग माना जाता है। कार्यक्रम के अंत में गांधी जी की रामधन रघुपति राघव राजा राम का गायन करते हुए सभी ने बापू के आदर्शों का अनुसरण करते हुए राष्ट्र के प्रति हमेशा समर्पित रहने का संकल्प लिया।






