मुजफ्फरनगर। प्रदेश में योगी सरकार के जीरो टॉलरेंस के बीच माननीयों व अफसरों के गठजोड़ में विकास कार्यों में गंभीर अनियमितता बरते जाने के तमाम मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। जिले में ऐसे ही मामलों में शिकायत के तहत लोकायुक्त द्वारा दोष साबित होने पर जनपद के दो दो पूर्व चेयरमैनों पर कार्रवाई करते हुए उन पर लगाए गए अर्थदंड भू-राजस्व की भांति वसूल किये जाने के लिए जिलाधिकारी ने रिकवरी आदेश जारी कर दिया है। उक्त मामले में भाजपा के दोनों पूर्व चेयरमैनों से एक लाख रुपये की वसूली की जानी है। इस प्रकरण में दो अधिशासी अधिकारी दोषी पाए जाने पर उनके खिलाफ भी वसूली आदेश जारी हुए हैं, इनमें से एक अधिकारी की मौत हो चुकी है।

मुजफ्फरनगर जनपद की नगर पंचायत जानसठ से जुड़े मामले में यहां पर पिछली दो योजनाओं में भाजपा से जुड़े यनेश तंवर और प्रवेन्द्र भड़ाना बतौर चेयरमैन पद पर कार्यरत रहे थे, जबकि इस बार यहां रालोद प्रत्याशी के हाथों भाजपा ने चेयरमैनी की कुर्सी को गंवा दिया था। कहना गलत न होगा कि नगर पंचायत में विकास कार्यों में अनियमितता व भ्रष्टाचार का मामला वैसे तो मुख्य तौर पर भाजपा के चेयरमैन रहे यनेश तंवर के कार्यकाल का है, लेकिन बाद में हेराफेरी कर धनराशि हड़पने के लिए हुए भ्रष्टाचार मामले में यनेश तंवर के बाद भाजपा से ही चेयरमैन निर्वाचित हुए प्रवेन्द्र भड़ाना भी लपेटे में आ गए। नगर पंचायत जानसठ में सभासद रहे नवनीत काम्बोज पुत्र शिवकुमार निवासी जानसठ ने लोकायुक्त में शिकायत करते हुए नगर पंचायत जानसठ में कराए गए विकास व निर्माण कार्यों व सामग्री की खरीद में भ्रष्टाचार करते हुए वित्तीय हानि पहुंचाने के आरोप लगाते हुए उक्त मामले की जांच कराने की मांग की थी। लोकायुक्त के आदेश पर नगर विकास विभाग द्वारा जब आरोपों की जांच कराई गई, तो 7 सितम्बर 2024 को नगर विकास विभाग की जांच आख्या लोकायुक्त को प्रेषित की गई थी। इसमें नगर पंचायत जानसठ के दोनों भाजपा चेयरमैनों पर लगाए आरोपों को सही ठहराते हुए उन्हें भ्रष्टाचार व वित्तीय अनियमितता के लिए दोषी पाया गया था। नगर विकास विभाग रिपोर्ट के बाद लोकायुक्त द्वारा शासन को इस संबंध में दोनों आरोपी चेयरमैन यनेश तंवर एवं प्रवेन्द्र भड़ाना के साथ तत्कालीन ईओ जसविन्दर, जिनकी मौत हो गई है व एक अन्य के खिलाफ वसूली जारी करते हुए उनसे धनराशि वसूल करने के आदेश जारी किये थे। लोकायुक्त के आदेशों के तहत शासन द्वारा 17 अक्टूबर 2024 को जिलाधिकारी को आदेश जारी किये थे कि नगर पालिका अधिनियम 1916 की धारा 81 के अन्तर्गत कार्यवाही करते हुए प्रकरण में दोषी पाये तत्कालीन अध्यक्ष नगर पंचायत जानसठ यनेश तंवर और प्रवेन्द्र भड़ाना के साथ अधिशासी अधिकारियों से करीब एक लाख रुपये की धनराशि भू-राजस्व की भांति वसूल कराकर राजकीय कोष में जमा कराते हुए रिपोर्ट प्रेषित की जाये।
डीएम उमेश मिश्रा द्वारा शासन के आदेशों के अनुपालन में नगर पंचायत जानसठ के पूर्व चेयरमैनों यनेश और प्रवेन्द्र के साथ दोनों ईओ के विरुद्ध वसूली नोटिस जारी कर दिया है। डीएम ने इसके लिए तहसीलदार जानसठ सतीश चन्द बघेल को आदेश दिए कि लोकायुक्त और शासन द्वारा जारी आदेशों का पालन सुनिश्चित करते हुए इस प्रकरण में चेयरमैन और अधिशासी अधिकारियों पर लगाये गये जुर्माने की धनराशि को वसूल करने के आदेश दिये।
इन्होंने कहा-
तहसीलदार जानसठ सतीश चन्द ने बताया कि जिलाधिकारी से आदेश प्राप्त हो गए हैं। इसमें नगर पंचायत जानसठ के पूर्व चेयरमैन यनेश तंवर से 85,085 रुपए व प्रवेंद्र भड़ाना से 15,072 रुपए वसूली की जानी है। इतनी रकम दोनों ईओ से वसूली के आदेश दिए हैं।






