मुजफ्फरनगर। पालिका की बोर्ड बैठक में ठेकेदारों द्वारा की शिकायतों के बाद डीएम के दखल से निरस्त टैंडरों को लेकर सदन में विरोध के साथ कई सभासद भावुक हो गये। सदन में सभासदों ने कहा कि करीब सात-आठ माह से पालिका द्वारा लोगों को अपनी सड़क बनने का इंतजार है, लेकिन टैंडर बार-बार निरस्त हो रहे हैं। एक ठेकेदार की झूठी शिकायत पर इस बार भी टैंडर निरस्त हो जाने के साथ विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। सभासद राजीव शर्मा ने सदन में उक्त शिकायतकर्ता अभिमन्यु चौहान द्वारा अपने पंजीकरण में लगाए अनुभव प्रमाण पत्र को फर्जी बताते हुए उसे मिले टैण्डरों की जांच कराने और जांच होने तक ठेकेदार की ईओ के नाम बंधक एफडी को जब्त रखने की मांग की। उनकी मांग का समर्थन करते हुए सभासद अन्नु कुरैशी, योगेश मित्तल, मनोज वर्मा, मौ. खालिद आदि ने कहा कि इसमें प्रपत्रों का फर्जीवाडा किया गया है। यदि ये साबित होता है तो ठेकेदार के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई जाये। इसके साथ मांग की गई कि निर्माण विभाग सहित पालिका के सभी विभागों में पंजीकृत ठेकेदारों के प्रपत्रों की जांच कराने और नये व पांच वर्ष से कम अनुभव वाले ठेकेदारों को पांच लाख रुपये तक के कार्यों में निविदा डालने का अधिकार मिले।






