मुजफ्फरनगर। नगरपालिका बोर्ड बैठक में सभासदों ने जनहित में शहरी क्षेत्र में आवारा कुत्तों और बंदरों के आतंक का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। अमित पटपटिया ने कहा कि कोई बड़ा हादसा होने पर ही पालिका की आंख खुलेगी। आए दिन क्षेत्र में बंदरों व कुत्तों के हमलों से लोगों का बुरा हाल है। ईओ डॉ. प्रज्ञा सिंह ने एनएसए डॉ. अतुल को सदन में तलब किया तो उन्होंने बताया कि बंदर पकड़ने का अभियान चलाया था, लेकिन बीच में ठेकेदार ने काम को रोक दिया। 500 बंदर पकड़े जाने का अनुबंध था, लेकिन करीब 250 बंदर ही पकड़कर छोड़े गये और टीम बिना सूचना के वापस लौट गई। वहीं कुत्तों को पकड़कर अभी नसबंदी कराने के संसाधन पालिका के पास नहीं है। इसमें उन्हें बंदर पकड़ने वाली फर्म पर अनुबंध पूर्ण नहीं करने को लेकर कार्यवाही करने और कुत्तों की समस्या का समाधान तलाशने के निर्देश दिए गए। वहीं सभासद रजत धीमान ने आईजीएल पाइप लाइन बिछाने के गड्ढÞों को नहीं भरने तो प्रशांत गौतम ने बालाजी रोड पर देर रात्रि सड़क में गड्ढÞे करने की जांच की मांग की तो ईओ ने एई निर्माण को स्थलीय निरीक्षण करते हुए जांच करने व आईजीएल द्वारा अनुबंध की शर्तों का पालन न करने पर जांच कर आख्या देने के निर्देश दिए।

मुजफ्फरनगर में अकीदत के साथ निकाला गया 7वीं मोहर्रम का ऐतिहासिक जुलूस
मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। जनपद में 7वीं मोहर्रम के अवसर पर सुबह से ही मजलिसों और मन्नत-ओ-नज्र का दौर शुरू हो गया। रसूल-ए-अकरम के कौल “हुसैन मुझसे है और मैं हुसैन से हूँ” को याद करते हुए कचेहरी गढ़ी और इमली जमाल अब्बास में नजर-ओ-नियाज का एहतमाम किया गया। इसके बाद मोती महल से रिवायती जुलूस बरामद






