बोर्ड बैठक में एमआईटूसी कंपनी के दिन पूरे, सेवा विस्तार से इंकार

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मुजफ्फरनगर। नगर क्षेत्र को क्लीन एंड ग्रीन बनाने को शुरू कवायदों को डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन कार्य में जुटी दिल्ली की एमआईटूसी कंपनी विवादित होने व सभासदों की नाराजगी के चलते सदन में फिर सेवा विस्तार कराने में विफल साबित हुई है। उक्त कंपनी मार्च तक ही कार्य करेगी, इससे पहले पालिका इस कार्य के लिए नई कंपनी की तलाश में जुट गई है। इसके लिए जल्द ही निविदा आमंत्रित करने के लिए बोर्ड ने अपनी सहमति व्यक्त कर दी है।
सदन में सभासद अन्नू कुरैशी, योगेश मित्तल, नौशाद खां, राजीव शर्मा, मनोज वर्मा, बबीता वर्मा आदि 40 से अधिक वार्ड सभासदों ने कंपनी पर अनेक आरोप लगाने और शहरी क्षेत्र से यूजर चार्ज के रूप में प्रतिमाह मोटा भुगतान पाने के बाद भी पालिका को जमा नहीं कराकर भ्रष्टाचार करने, कर्मचारियों का वेतन और पीएफ नहीं देने के आरोपों के साथ ही कंपनी की जमानत राशि को जब्त करने और दस माह में वसूले यूजर चार्ज की जांच कराने की मांग करते हुए कंपनी को ब्लैकलिस्ट करने व अनियमिताओं में एफआईआर दर्ज कराने की मांग की है।ईओ डॉ. प्रज्ञा सिंह ने सदन को बताया कि पूर्व में कंपनी पर लगे आरोपों की जांच के लिए जेई जलकल जितेन्द्र कुमार के नेतृत्व में कमेटी गठित की थी। कमेटी ने अपनी रिपोर्ट नगर स्वास्थ्य अधिकारी को सौंपी थी। इसमें शिकायतों और अनुबंध की शर्त पूर्ण नहीं किये जाने में कंपनी को दोषी ठहराया गया है। कंपनी के खिलाफ कार्यवाही करने व अनुबंध समाप्त करने की संस्तुति के साथ रिपोर्ट चेयरपर्सन को प्रेषित की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि चेयरपर्सन ने कूड़ा कलेक्शन के लिए कंपनी को सेवा विस्तार देने से इंकार किया है, इसी क्रम में पालिका द्वारा कंपनी से अनुबंध समाप्त होने से पहले ही नई कंपनी की तलाश के लिए टैंडर आमंत्रित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। एक साल के लिए कंपनी को पालिका 11 करोड़ 04 लाख रुपये के भुगतान पर कार्य करने के लिए आमंत्रित कर रही है।

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