मुजफ्फरनगर। योगी सरकार की पहल पर शनिवार को 100 दिवसीय सघन टीबी का आयोजन जिला पंचायत सभागार में अध्यक्ष डॉ. वीरपाल निर्वाल की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। इस दौरान सभागार में समस्त समाज के धर्मगुरूओं, एनजीओ संस्थाओं व समाजसेवी प्रबुद्धजनों ने प्रतिभाग किया। इस बीच सभी ने जनपद में टीबी का उन्मूलन करने और लोगों के बीच टीबी के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में कार्य करने की शपथ ली। इस दौरान मुख्य अतिथियों द्वारा सभागार में आये टीबी रोगियों को पोषण पोटली प्रदान की गई।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनील तेवतिया ने बताया कि सरकार द्वारा टीबी मरीज के खाते में उनके पोषण को और अधिक बेहतर बनाने हेतु इलाज के दौरान छ: हजार रुपये दो किश्तों में दिये जाते हैं। इसी के क्रम में सभागार में उपस्थित प्रबुद्धजनों, एनजीओ संस्थाओं, ग्राम प्रधानों से अपील की कि वे स्वयं नि:क्षय मित्र बनें और समाज में अपने स्तर से भी नि:क्षय मित्र बनवाकर योजना में सक्रिय रूप से भाग लें और टीबी रोगियों की सहायता करें। उन्होंने बताया कि नि:क्षय मित्र के रूप में सरकारी व गैर-सरकारी संस्थाएं, व्यक्ति, टीबी रोगियों को गोद लेकर उनके स्वास्थ्य, पोषण में योगदान कर सकता हैं।

जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. लोकेश चन्द्र गुप्ता ने बताया कि जनपद में वर्ष-2024 में कुल 9428 टीबी के मरीज खोजे गये, जिनमें से 327 एमडीआर टीबी रोगी चिन्हित हुए। उन्होंने बताया कि वर्तमान में टीबी कार्यक्रम के अन्तर्गत 100 दिवसीय सघन टीबी अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य टीबी के छुपे रोगियों को खोजना, टीबी रोगियों की मृत्यु दर को कम करना तथा टीबी से नए व्यक्तियों को संक्रमित न होने देना है। उन्होंने बताया कि जनपद में जोखिम वाली जनसंख्या जिसमें 60 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्ति, कुपोषित व्यक्ति, पुराने टीबी रोगी, टीबी रोगी के साथ रहने वाले व्यक्ति, डायबिटीज, एचआईवी ग्रस्त व्यक्ति तथा नशा करने वाले व्यक्ति आदि की टीबी स्क्रीनिंग और परीक्षण किया जा रहा है। इस अवसर पर एनटीईपी विभाग से डॉ. करन, विपिन शर्मा, विपिन, हेमंत, अभिषेक, अतुल, रजनीश विप्रा, सहबान, मनोज, सुनील, संजीव विभिन्न एनजीओ एवं उनके प्रतिनिधि तथा एचएल एफपीपीटी से विपिन, अमित भी उपस्थित रहे। मंच संचालन डॉ. गीताजंली वर्मा द्वारा किया गया।






