मुजफ्फरनगर। एडीएम प्रशासन नरेन्द्र बहादुर सिंह की अध्यक्षता में जिला पंचायत सभागार में संपन्न हुई अभियोजन कार्यों की समीक्षा बैठक में अधीनस्थों ने निर्देश दिए कि गैंगस्टर एवं गंभीर प्रकृति के वादों में प्रभावी पैरवी कर अधिक से अधिक दोषियों को सजा दिलाई जाए। उन्होंने पॉक्सो एक्ट में पैरोकार की व्यवस्था करने के निर्देश देते हुए कहा कि लक्ष्य तय करते हुए अधिक से अधिक दोषियों को सजा दिलाया जाना सुनिश्चित किया जाए, ताकि सभी अपराधी किस्म के लोगों को यह मैसेज जाए कि छोटे से छोटा अपराध करने पर भी वे सजा से बच नहीं सकते हैं।
अभियोजन कार्यों की मासिक समीक्षा करते हुए उन्होंने जनपद में महिलाओं व बालिकाओं की शिकायतों को पुलिस अफसरों से प्राथमिकता के आधार पर सुना जाने एवं पूर्ण रूप से सहयोग दिए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि हर माह की कार्य योजना बनाते हुए जिले के टॉप-10 अपराधियों को सजा दिलाया जाना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने निर्देश दिया कि न्यायालय में साक्ष्य के लिए आने वाले गवाहों से शत प्रतिशत परिक्षित कराया जाय व दोषमुक्त मामलों में नियमानुसार अपील की कार्यवाही भी सुनिश्चित की जाए। बैठक में उन्होंने मौजूद शासकीय अधिवक्ताओं एवं अभियोजन के अधिकारियों से न्यायालयों में साक्षियों की उपस्थिति और उनके पक्षद्रोही होने के कारणों की भी समीक्षा की। उन्होंने समन तामीली समयबद्ध होने के साथ साक्षियों को न्यायालयों के समक्ष परीक्षित कराया जाने, अकारण साक्षियों की वापसी न होने पाए, इसके लिए हर दशा में सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए। न्यायालयों में विचाराधीन मामलों में सफल अभियोजन पैरवी कर सजा का प्रतिशत बढ़ाया जाना चाहिए, ताकि न्यायालयों में लंबित पुराने मामलों का निस्तारण शीघ्र हो सके। बैठक में पुलिस अधीक्षक अपराध प्रशांत कुमार, अभियोजन अधिकारी समेत अन्य शासकीय अधिवक्ता उपस्थित रहे।






