सपा की सुम्बुल ने तोड़ा अपने ससुर कादिर राणा का रिकॉर्ड

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मुजफ्फरनगर। मीरापुर विधानसभा उप चुनाव में जीत और हार की तस्वीर साफ हो चुकी है। यह उप चुनाव भी कई रिकॉर्ड बनाने वाला साबित हुआ है। एक बार फिर से इस उप चुनाव ने भी छोटे दलों की बड़ी धमक साबित की है। इस चुनाव में सपा प्रत्याशी सुम्बुल राणा को हार मिली है, लेकिन हारने के बावजूद भी वो अपने ससुर पूर्व सांसद कादिर राणा के इस क्षेत्र में 17 साल पहले हुए चुनाव में मिले जनादेश को पीछे छोड़ गई। कादिर राणा को साल 2007 के चुनाव में मोरना विधानसभा सीट पर करीब 44 हजार वोट मिले थे, जबकि सुम्बुल राणा ने इस उप चुनाव में 50 हजार से ज्यादा मत प्राप्त किये हैं।
2007 के विधानसभा चुनाव के दौरान यह क्षेत्र मोरना विधानसभा सीट के रूप में पहचान रखता था। यहां पर रालोद के टिकट पर कादिर राणा ने चुनाव लड़ा और 43929 वोट हासिल किये थे। उन्होंने बसपा के प्रत्याशी राजपाल सिंह सैनी को हराया था, राजपाल ने 38947 वोट हासिल किये थे। कादिर राणा यहां 4982 मतों के अंतर से चुनाव जीते थे। भाजपा के यशपाल पंवार तीसरे और सपा के मेहराजुद्दीन चौथे स्थान पर रहे थे। इसके दो साल बाद कादिर राणा ने बसपा के टिकट पर मुजफ्फरनगर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा और सांसद निर्वाचित होने के बाद 2009 में मोरना सीट पर उप चुनाव हुए जिसमें रालोद के टिकट पर मिथलेश पाल विधायक निर्वाचित हुई थी। कादिर के इस चुनाव के 17 साल के बाद मीरापुर विधानसभा सीट पर उप चुनाव हुआ और इस बार कादिर ने अपनी पुत्रवधु सुम्बुल राणा को सपा के टिकट पर मैदान पर उतारा। सुम्बुल के सामने भाजपा-रालोद गठबंधन से मिथलेश पाल मैदान में आई और रालोद के टिकट पर उनका यह चौथा चुनाव रहा। शुरूआत में सपा और रालोद में कांटे की टक्कर मानी जा रही थी, लेकिन मतगणना में सामने आये परिणाम ने इसे एकतरफा जीत में बदल दिया। सुम्बुल राणा भले ही यह चुनाव हार गई, लेकिन उन्होंने इस क्षेत्र में अपने ससुर को मिले वोट का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। सुम्बुल राणा ने ईवीएम में 53426 वोट प्राप्त किये।

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