मुजफ्फरनगर। कृषि विभाग में संचालित फसल अवशेष प्रबन्धन योजना, त्वरित मक्का विकास कार्यक्रम व तिलहन योजनान्तर्गत राजकीय इंटर कॉलेज के मैदान में जनपद स्तरीय किसान गोष्ठी व मेले का आयोजन किया। मेले में अतिथि के रूप में जिला पंचायत अध्यक्ष वीरपाल निर्वाल, डीएम उमेश मिश्रा, डीडी कृषि संतोष कुमार, वैज्ञानिक हंसराज समेत कृषि से जुडे विभागों के अधिकारियों, केवीके एवं गन्ना शोध संस्थान के वैज्ञानिकों के साथ जनपद के सभी विकास खण्ड से कृषकों ने प्रतिभाग किया।
डीडी कृषि संतोष कुमार ने किसानों से फसल अवशेष जलाने के दुष्परिणामों से अवगत कराया तथा कृषि विभाग में संचालित योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराई। मेले में हंसराज वैज्ञानिक, केवीके द्वारा कृषि से सम्बन्धित तकनीकी जानकारी उपलब्ध कराते हुए जैविक खेती करने की सलाह दी। मेले में उपस्थित अन्य वैज्ञानिकों द्वारा कृषकों को कृषि से जुड़ी तकनीकी जानकारी के साथ-साथ फसलों में हो रही बीमारी, सह फसली, जल संरक्षण के सम्बन्ध में जानकारी उपलब्ध कराई गई। डीएम उमेश मिश्रा ने कृषकों को मिलेट्स श्री अन्न की फसलों की खेती करने व श्री अन्न से बने उत्पादों का प्रयोग करने की सलाह दी। कृषक उत्पादक संगठनों को श्रीअन्न से बने उत्पादों का निर्यात विभिन्न माध्यमों से करने की सलाह दी। जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. वीरपाल निर्वाल ने कृषकों को सम्बोधित करते हुए सह फसली खेती के माध्यम से कृषि आय में वृद्धि करने के साथ जमीन में जल की कमी के दृष्टिगत उन फसलों की बुवाई करने की सलाह दी जिससे जल संरक्षण हो। साथ ही फसलों के अवशेष जलाने के दुष्परिणामों के सम्बन्ध में कृषकों को अवगत कराते हुए फसलों के अवशेष को खाद के रूप में प्रयोग करने की सलाह दी। अन्त में डीडी कृषि संतोष कुमार द्वारा मेले में प्रतिभाग करने वाले मुख्य अतिथि एवं अधिकारियों एवं कृषकों का आभार प्रकट किया।

फोटो जर्नलिस्ट ‘भूषण भास्कर’ को नारद सम्मान, अटल सभागार में हुआ भव्य समारोह
मुजफ्फरनगर/मेरठ (रिपोर्टर)। डिजिटल मीडिया के इस दौर में नैरेटिव सेट करना चलन बना हुआ है। आज युद्ध में भी नैरेटिव के योगदान को नकारा नहीं जा सकता। कई मामलों में तो गलत नैरेटिव युद्ध से भी खतरनाक हो जाता है। यह बात विश्व संवाद केन्द्र, मेरठ द्वारा चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के अटल सभागार में






