मुजफ्फरनगर। कश्यप समाज ने समाज की 16 उपजातियों को एससी श्रेणी का दर्जा दिये जाने की मांग को लेकर शनिवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर धरना दिया। इस दौरान प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट और सीओ सिटी को सौंपा गया।
कश्यप एकता क्रांति मिशन संगठन के जिला अध्यक्ष अंकित कश्यप के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट स्थित जिलाधिकारी कार्यालय पर कश्यप समाज के लोग भारी संख्या में जमा हुए और धरना दिया। इस दौरान वक्ताओं ने उत्तर प्रदेश सरकार एवं केंद्र सरकार से मांग करते हुए कहा कि कश्यप समाज की जातियों कहार, कश्यप, केवट, मल्लाह, निषाद, धीवर आदि जातियों को अनुसूचित जाति की सूची में शामिल कराने के लिए समाज के व्यक्ति कई वर्षों से संघर्ष करते आ रहे हैं परंतु सभी पुर्व की सरकारे और वर्तमान सरकार कश्यप समाज की वोट लेकर सत्ता पर काबिज होकर अधिकार को भूल जाती है जिस कारण समाज सदियों से उपेक्षित और शोषित है। आज भी समाज गुलामो की तरह जिंदगी जी रहा है समाज शैक्षिक रूप से एवं सरकारी सेवाओं में व विकास योजनाओं में व राजनीति में अत्यंत पिछड़ा हुआ है, जिस कारण समाज पर शोषण और अत्याचार दिन प्रतिदिन चरम सीमा पर है वर्तमान में जिला मुजफ्फरनगर में विधानसभा बुढाना क्षेत्र में पिछले लगभग 6 माह में 5 व्यक्तियों की हत्याएं हो चुकी है। पीड़ित समाज के साथ पुलिस और प्रशासन के लोग राजनीतिक एवं व्यक्तिगत दबाव में दुर्व्यवहार करते हैं जिस कारण आज समाज में पूर्व की सरकारों और वर्तमान उत्तर प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार के प्रति आक्रोश है। इसलिए कश्यप एकता क्रांति मिशन संगठन के संस्थापक अजय कश्यप, राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कश्यप, राष्ट्रीय प्रभारी रवि कश्यप, क्रांतिकारी अंकित कश्यप जिलाध्यक्ष, प्रदेश अध्यक्ष सुमित कश्यप, जिला प्रभारी डा. अंकित कश्यप, अमरीश कश्यप एडवोकेट, रामधन कश्यप एडवोकेट आदि ने अपने-अपने विचार रखे और संचालन मास्टर संदीप ने किया। धरना प्रदर्शन कर सरकार से मांग की गई की कश्यप समाज की 16 जातियों को एससी-एसटी की सूची में शामिल किया जाये तथा सामाजिक न्याय समिति की रिपोर्ट के आधार पर 27 प्रतिशत आरक्षण तीन भागों में बांटा गया है। सामाजिक न्याय समिति की रिपोर्ट शीघ्र लागू कराई जाये तथा कश्यप समाज पर अत्याचार करने वालों के विरूध शीघ्र कार्यवाही तथा पुलिस द्वारा पीड़ित व्यक्तियों पर राजनीतिक एवं व्यक्तिगत दबाव में दुर्व्यवहार करने से रोका जाये।







