मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ के बैनर तले अपनी विभिन्न मांगों को लेकर संविदा स्वास्थ्य कर्मियों की हड़ताल एवं धरना प्रदर्शन छठे दिन भी जारी रहा। अधिकारियों की ओर से कार्यवाही की चेतावनी दिए जाने के बाद कर्मचारियों में भारी आक्रोश देखने को मिला। इसके विरोध में संविदा स्वास्थ्य कर्मियों ने जिला चिकित्सालय पुरुष से जिला चिकित्सालय महिला चिकित्सालय तक शांति मार्च निकाला। इस दौरान कर्मचारियों ने आंदोलन में शामिल होने के लिए अन्य संविदा कर्मियों का हौसला बढ़ाया और एकजुट होकर अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ने का आह्वान किया।
लखनऊ के ईको गार्डन में धरना दे रहे मयंक ठाकुर गुट और योगेश उपाध्याय गुट के एक मंच पर आने से आंदोलन को नई मजबूती मिली है। इससे प्रदेशभर के एनएचएम संविदा कर्मचारियों में उत्साह बढ़ा है और संगठन की एकजुटता का संदेश गया है। कर्मचारियों का कहना है कि अब वे अपनी मांगों को लेकर एकजुट होकर निर्णायक संघर्ष करने के लिए तैयार हैं। राज्य कर्मचारी संघ परिषद के जिला अध्यक्ष रवि नागर जी और मंत्री कुलदीप शर्मा ने धरना स्थल पर पहुंचकर अपना समर्थन दिया और प्रशासन को चेताया कि कर्मचारियों का उत्पीड़न करने अथवा उनके विरुद्ध दंडात्मक कार्यवाही करने का प्रयास किया गया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा और उनसे संबद्ध सभी विभागों जैसे जिला उद्योग केंद्र, आईटीआई, विकास भवन, सिंचाई विभाग, तहसील और ट्रेजरी सभी के कर्मचारी एकजुट होकर इस आंदोलन में शामिल हो जाएंगे और पूरे जिले का कार्य बंद कर दिया जाएगा।

महामंत्री मणिकांत त्यागी ने चेतावनी दी कि ऐसी स्थिति में आपातकालीन सेवाओं को लेकर भी संगठन को कठोर निर्णय लेने के लिए विवश होना पड़ सकता है और पूरे जिले में व्यापक आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग आम जनता को दिन-रात 24 घंटे स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। एनएचएम संविदा कर्मचारी भी पूरी निष्ठा से अपनी जिम्मेदारियां निभाते हैं, लेकिन विडंबना यह है कि वर्षों तक सेवाएं देने के बावजूद उन्हें पर्याप्त मानदेय और आवश्यक सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। लगभग 20 वर्षों से संविदा पर कार्य कर रहे कर्मचारियों के लिए भी वर्तमान मानदेय में परिवार का खर्च चलाना और बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलाना मुश्किल होता जा रहा है।
डॉ. सुदेश वर्मा ने कहा कि महंगाई का असर हर वर्ग पर पड़ रहा है और एनएचएम कर्मचारी भी इससे अछूते नहीं हैं। सरकार को कर्मचारियों की आर्थिक एवं सामाजिक परिस्थितियों को समझते हुए उनके उत्थान के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए। लंबे समय से स्वास्थ्य सेवाओं में योगदान दे रहे कर्मचारियों को सम्मानजनक वेतन, नौकरी की सुरक्षा और आवश्यक सुविधाएं मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेना समय की आवश्यकता है, ताकि वे बिना आर्थिक असुरक्षा के अपनी सेवाएं बेहतर तरीके से दे सकें।
धरने में मुख्य रूप से उपस्थित रहे: डॉ. सचिन जैन, डॉ. फैसल सिद्दीकी, रवि कुमार, निर्मला चौधरी, अतुल भारद्वाज, डॉ अर्पण जैन, मनोज कुमार, घनश्याम, कपिलात्रेय, अरुण, प्रियंका शर्मा, आशीष कुमार, अंगद प्रसाद, जितेंद्र सिंह, सचिन कुमार, सिकंदर, मोनू कुमार, ओमपाल सिंह, डॉ. वेद, डॉ. मदन, सोनू कुमार, डॉ. देवेंद्र कुमार, शिव कुमार, अरविंद कुमार, सोमपाल सिंह, राकेश, डॉ. अंजू, डॉ. चेतना, रचना शर्मा, डॉ. शिव, प्रीति शर्मा, आदेश, अंजू, अंशिका, डॉ. श्वेता, डॉ. निशा, पिंकी, सविता, प्रमिला, निशु, सुमन, शशि, अमिता, डॉ. ज्योति भारद्वाज, अर्चना सहित सैकड़ों एनएचएम संविदा कर्मचारी उपस्थित रहे।







