मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। दिल्ली की जामा मस्जिद के शाही इमाम अहमद बुखारी 2007 में विधानसभा चुनाव के दौरान खतौली में बिना अनुमति हेलीकॉप्टर उतारने के आचार संहिता उल्लंघन के मामले में जारी एनबीडब्ल्यू पर 19 साल बाद कोर्ट में पेश हुए और वारंट निकाल कराने के साथ ही अपनी जमानत कराई।
मुजफ्फरनगर कोर्ट परिसर में सुबह से ही काफी कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी, हालांकि शाही इमाम अहमद बुखारी के कोर्ट में आगमन को पुलिस प्रशासन ने गोपनीय बनाए रखा। उनके आगमन को लेकर खुफिया विभाग भी अलर्ट पर रहा हाँ। दिल्ली पुलिस की सुरक्षा के बीच अहमद बुखारी मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट पहुंचे। उनके अधिवक्ता की ओर से वारंट रिकॉल, प्रार्थना पत्र दिया गया जिसे कोर्ट द्वारा स्वीकार कर लिया गया। अभियोग के अनुसार शाही इमाम अहमद बुखारी ने वर्ष 2007 के विधानसभा चुनाव में यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) के खतौली विधानसभा क्षेत्र से प्रत्याशी साबिर अली के समर्थन में चुनावी सभा को संबोधित किया था। सभा स्थल पर उनका हेलीकॉप्टर बिना प्रशासनिक अनुमति के उतारा गया था। चुनाव आयोग के निर्देश पर खतौली कोतवाली में शाही इमाम अहमद बुखारी, जामा मस्जिद सलाहकार समिति के सदस्य ईनाम कुरैशी और प्रत्याशी साबिर अली के खिलाफ आचार संहिता उल्लंघन का मुकदमा दर्ज किया गया था। इस मामले में पुलिस ने विवेचना के बाद चार्जशीट कोर्ट में दे दी थी। मामले में लगातार कोर्ट में पेश न होने के कारण अहमद बुखारी के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किए गए थे। शुक्रवार को वह दिल्ली हाईकोर्ट के अधिवक्ताओं के साथ कोर्ट पहुंचे, जहां वारंट रिकॉल कराने के बाद उन्हें जमानत मिल गई।

वाह री मुजफ्फरनगर पुलिस! इंसाफ मांगने वालों पर ही कर दी मुकदमों की बरसात
मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। थाना तितावी क्षेत्र के ग्राम हैदरनगर जलालपुर में दो मासूम बच्चों की दर्दनाक मौत के बाद इंसाफ की आवाज उठाना ग्रामीणों को भारी पड़ता नजर आ रहा है। पीड़ित परिवार और ग्रामीणों का आरोप है कि स्कूल बस ड्राइवर की कथित लापरवाही से हुई भीषण दुर्घटना में दो मासूमों की जान जाने के






