मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। पीजेंट के चेयरमैन अशोक बालियान ने उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखते हुए कहा है कि मैं इस पत्र के माध्यम से आपका ध्यान उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था और माफिया-विरोधी अभियानों को और अधिक सुदृढ़ करने हेतु गैंगस्टर अधिनियम में एक अनिवार्य विधायी संशोधन की ओर आकर्षित करना चाहता हूँ। आपकी सरकार द्वारा प्रदेश में संगठित अपराधियों और माफियाओं के आर्थिक साम्राज्य को ध्वस्त करने के लिए चलाई जा रही कुर्की (ध्वस्तीकरण) की कार्रवाई अत्यंत सराहनीय है। किंतु, वर्तमान विधिक व्यवस्था में अपराधियों की अवैध संपत्तियों की कुर्की से पूर्व राज्य सरकार/पुलिस पर कोर्ट में यह सिद्ध करने का अत्यधिक विधिक बोझ होता है कि अमुक संपत्ति सीधे ‘अपराध की काली कमाई’ (Proceeds of Crime) से ही अर्जित की गई है।
11 जुलाई 2026 को माननीय इलाहाबाद हाई कोर्ट द्वारा देवरिया के एक गैंगस्टर मामले में इसी तकनीकी और प्रक्रियात्मक साक्ष्य के अभाव का हवाला देकर संपत्ति कुर्की के आदेश को निरस्त करना इसका प्रत्यक्ष प्रमाण है। माफिया इस कानूनी विसंगति का लाभ उठाकर अपनी अवैध कमाई को रिश्तेदारों, मित्रों और बेनामी स्रोतों के नाम पर सुरक्षित बचा लेते हैं।
अतः इस विधिक कमी को हमेशा के लिए दूर करने हेतु मेरा आपसे सविनय अनुरोध है कि राज्य सरकार आगामी विधानसभा सत्र में एक विशेष संशोधन विधेयक लाकर ‘उत्तर प्रदेश गैंगस्टर एवं असामाजिक क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम, 1986’ में निम्नलिखित दो कड़े विधायी बदलाव करे:
1. ‘रिवर्स बर्डन ऑफ प्रूफ’ (Reverse Burden of Proof) का प्रावधान: अधिनियम की धारा 14 (संपत्ति की कुर्की) में धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA, 2002 की धारा 24) तथा NDPS अधिनियम की धारा 68-J की तर्ज पर यह कड़ा प्रावधान जोड़ा जाए कि यदि किसी व्यक्ति पर गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज है, तो यह विधिक उपधारणा (Presumption) अनिवार्य होगी कि उसकी और उसके आश्रितों की समस्त चल-अचल संपत्ति ‘अवैध’ है। इस संपत्ति को अपनी कानूनी आय के वैध स्रोतों से अर्जित सिद्ध करने का संपूर्ण विधिक उत्तरदायित्व (Onus of Proof) राज्य सरकार पर न होकर स्वयं आरोपी (गैंगस्टर) पर होगा।
2. ‘मूल्य-आधारित जब्ती’ (Value-Based Forfeiture) को मान्यता: अधिनियम की धारा 15 और 19 में संशोधन कर यह व्यवस्था हो कि यदि अपराध की प्रत्यक्ष कड़ियां (Direct Nexus) न भी मिलें, तो भी गैंगस्टर द्वारा समाज या सरकारी खजाने को पहुंचाए गए कुल वित्तीय/भौतिक नुकसान के बराबर मूल्य की उसकी किसी भी(वैध या अवैध) संपत्ति को कुर्क करने का पूर्ण अधिकार जिला मजिस्ट्रेट (DM) को प्राप्त हो।
उत्तर प्रदेश में अपराधियों और माफियाओं के विरुद्ध चल रहे ऐतिहासिक अभियान को इन विधायी संशोधनों के माध्यम से एक अचूक कानूनी कवच मिलेगा, जिससे अदालतों में तकनीकी आधार पर कुर्की आदेश रद्द होने बंद हो जाएंगे। आशा है कि आपकी सरकार इस संवेदनशील और महत्वपूर्ण विधायी सुधार पर अत्यंत गंभीरता से विचार करेगी।

जिला आशिहारा कराटे चैपियनशिप का आयोजन 19 जुलाई को हरिद्वार में
हरिद्वार (रिपोर्टर)। आशिहारा कराटे मिक्स मार्शल आर्ट्स एसोसिएशन के तत्वावधान में 19 जुलाई को शिवडेल स्कूल भेल में जिला आशिहारा कराटे चैपियनशिप का आयोजन किया जाएगा। जानकारी देते हुए आशिहारा के स्टेट चीफ अमित कुमार चौधरी ने बताया कि शिवडेल स्कूल के अध्यक्ष स्वामी शरदपुरी महाराज की अध्यक्षता में आयोजित की जा रही चैंपियनशिप में






