हरिद्वार (रिपोर्टर)। कुम्भ का दिव्य व भव्य आयोजन राष्ट्र को सार्थक दिशा व युवा पीढ़ी को संस्कार प्रदान करने का कार्य करेगा। यह विचार अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के पुनः अध्यक्ष निर्वाचित हुए श्रीमहंत रविन्द्र पुरी महाराज ने कनखल स्थित मानव कल्याण आश्रम में श्री ललिताम्बा देवी ट्रस्ट के संयोजन में आयोजित स्वागत समारोह में व्यक्त किये। श्रीमहंत रविन्द्र पुरी महाराज ने कहा कि केन्द्र व प्रदेश सरकार संतों के मार्गदर्शन व सहयोग से दिव्य व भव्य कुम्भ आयोजित करने में रात-दिन जुटी है। कुम्भ मेले में समूचे देश-दुनिया से करोड़ों श्रद्धालु व आस्थावान जन तीर्थनगरी पधारेंगे। अखाड़ों की सहमति से ही अखाड़ा परिषद की नयी कार्यकारिणी का गठन किया गया है। जिससे कुम्भ मेला आयोजन में सहयोग व समन्वय बनाने का कार्य बेहतर रूप से किया जायेगा। उन्हांेने देशभर के संतों व श्रद्धालुजनों से आगामी जनवरी से अप्रैल में आयोजित होने वाले कुम्भ महापर्व में पुण्य-लाभ की कामना हेतु पधारने का आवाह्न किया। श्री ललितम्बा देवी ट्रस्ट के महामंत्री अनिरूद्ध भाटी ने कहा कि पूज्य श्रीमहंत रविन्द्र पुरी महाराज देश-दुनिया में भारतीय संस्कृति व अखाड़ा परम्परा के संवाहक हैं। उनके कुशल व कर्मठ नेतृत्व में जहां कुम्भ का भव्य आयोजन सम्पन्न होगा वहीं दूसरी ओर संतों को सम्मान व श्रद्धालुजनों को बेहतर सुविधा व सुरक्षा प्राप्त होगी। जिससे आगामी वर्ष में होने वाला कुम्भ मेला ऐतिहासिक रूप से सम्पन्न होगा। श्री ललितम्बा देवी ट्रस्ट के ट्रस्टी श्रीमहंत देवानन्द सरस्वती, ट्रस्ट के अध्यक्ष विनोद अग्रवाल, महामंत्री अनिरूद्ध भाटी, उपाध्यक्ष बहादुर सिंह वर्मा, कोषाध्यक्ष रेणुका बेन एल. ठक्कर, ट्रस्टी गोविन्द सारडा, स्वामी दुर्गेशानन्द सरस्वती, अरूण लड्ढा ने श्रीमहंत रविन्द्र पुरी महाराज का अंगवस्त्र व माल्यार्पण कर भव्य स्वागत किया। इस अवसर पर सुरेन्द्र मिश्रा, संजय वर्मा उपस्थित रहे।

शहीदों के सपनों का भारत बनाने के लिए सत्य, निष्पक्षता और जिम्मेदारी के साथ काम करें-धर्मेंद्र चौधरी
हरिद्वार (रिपोर्टर)। हरिद्वार प्रेस क्लब में 80वां स्वतंत्रता दिवस हर्षाेल्लास और देशभक्ति के माहौल में मनाया गया। प्रेस क्लब अध्यक्ष धर्मेंद्र चौधरी एवं महामंत्री सूर्यकांत बेलवाल ने ध्वजारोहण कर तिरंगे को सलामी दी और सभी पत्रकारों व देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं। ध्वजारोहण के पश्चात राष्ट्रगान के साथ वंदेमतरम की गूंज से पूरा






