मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। सनातन धर्म महाविद्यालय मुजफ्फरनगर के मां सरस्वती सभागार में वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप जयंती के उपलक्ष में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के प्राचार्य एवं शिक्षकों द्वारा महाराणा प्रताप जी की प्रतिमा के समक्ष पुष्प अर्पित करके किया गया। महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर सुधीर कुमार पुंडीर के द्वारा महाराणा प्रताप जी के योगदान एवं उनके जीवन मूल्य के बारे में अवगत कराया गया तथा विद्यार्थीयों को राष्ट्रीय एकता एवं अखंडता के प्रति समर्पित रहने के लिए प्रेरित किया।कार्यक्रम के संयोजक मदनपाल चौहान रहे। कार्यक्रम में डॉ संजय अरोरा, मदनपाल चौहान ने महाराणा प्रताप के मूल्यों, साहस एवं पराक्रम के बारे में विचार प्रस्तुत किये। बीएससी गणित के विद्यार्थियों रिया गोयल, पलक, प्रिंसी व कनिका कश्यप ने अपने विचार प्रस्तुत किए।
कार्यक्रम का समापन गणित विभाग की विभागाध्यक्षा डॉ रिंपल पुंडीर के द्वारा सभी शिक्षक साथियों का धन्यवाद ज्ञापन एवं विद्यार्थियों का उत्साह वर्धन करके किया गया। इस कार्यक्रम में डॉक्टर अरविन पंवार, डॉ शेखरचंद, डॉ सविता, डॉ अंशुल शर्मा, डॉ सलीम, तरुण गर्ग, सोनाक्षी धीमान एवं श्रुति आदि उपस्थित रहे।

विनिमय से मिटता है अहंकार, श्रद्धा से प्रकट होते है राम — मोरारी बापू
शुकतीर्थ/मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। शुकतीर्थ में चल रही नौ दिवसीय श्रीराम कथा के आठवें दिन विश्वविख्यात रामकथाकार मोरारी बापू ने कर्मयोग, पतंजलि योगसूत्र, विनियोग तथा अहंकार त्याग का अत्यंत गूढ़ और आध्यात्मिक विवेचन किया। कथा के दौरान बापू ने कहा कि जब जीवन में सही विनियोग होता है तो स्पर्धा समाप्त हो जाती है और श्रद्धा प्रकट






