शुकतीर्थ/मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। पवित्र तीर्थ नगरी शुकतीर्थ स्थित शुकदेव आश्रम के प्रांगण में शनिवार को विश्वविख्यात संत पूज्य मोरारी बापू के श्रीमुख से नौ दिवसीय श्रीराम कथा का भव्य एवं विधिवत शुभारंभ हुआ। धार्मिक आस्था और श्रद्धा से ओतप्रोत इस आयोजन में देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य यजमान एनआरआई चेतन भाई ने सपत्नीक व्यासपीठ के पूजन एवं माल्यार्पण के साथ किया। इसके पश्चात उन्होंने पूज्य मोरारी बापू का सम्मानपूर्वक माल्यार्पण कर कथा का विधिवत आरंभ कराया।

इस अवसर पर शुकधाम पीठाधीश्वर स्वामी ओमानंद सरस्वती, हनुमदधाम पीठाधीश्वर स्वामी केशवानंद महाराज, गायत्री तपोनिष्ठ जनार्दन स्वरूप ब्रह्मचारी, हरिद्वार से पधारे पूज्य हनुमान दास महाराज, दंडी आश्रम के संचालक मनोहर लाल भारद्वाज एवं कथा व्यास अचल कृष्ण शास्त्री सहित अनेक संत-महात्माओं के करकमलों से दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। श्री रामकथा समिति के जिनेन्द्र गर्ग, प्रदीप जिंदल, अमित गोयल, सत्यप्रकाश रेशू आदि ने भी व्यासपीठ पूजन में सक्रिय सहभागिता निभाई। शुकधाम पीठाधीश्वर स्वामी ओमानंद सरस्वती जी ने अपने संबोधन में श्रद्धालुओं को आशीर्वचन देते हुए आत्मसाक्षात्कार और परोपकार के महत्व पर प्रकाश डाला। कथा के प्रथम दिवस पूज्य मोरारी बापू ने पतितपावनी भागीरथी गंगा को नमन करते हुए शुकदेव जी की तपस्थली शुकतीर्थ की पावन भूमि को प्रणाम किया। साथ ही सच्चे संत के रूप में स्वामी कल्याणदेव जी को श्रद्धाभाव से स्मरण करते हुए कथा का आरंभ किया। बापू ने रामचरितमानस की चौपाइयों—“सुक सनकादि भगत मुनि नारद…” को आधार बनाते हुए इस कथा का नामकरण “मानस शुकतीर्थ” किया। उन्होंने कहा कि शुकतीर्थ शब्द की बार-बार अनुभूति होने के कारण यह नाम स्वाभाविक रूप से उदित हुआ है। अपने प्रवचन में बापू ने स्वामी ओमानंद सरस्वती जी के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके संबोधन में आत्मसाक्षात्कार और परोपकार का जो भाव प्रकट हुआ है, वह उनके संतत्व की विराटता को दर्शाता है। उन्होंने पूज्य स्वामी कल्याणदेव जी द्वारा रामकथा को दिए गए वात्सल्यपूर्ण सम्मान का भी स्मरण किया।

मोरारी बापू ने शुकतीर्थ की दिव्यता का वर्णन करते हुए कहा कि यह भूमि साधना, श्राद्ध, तर्पण और भागवत श्रवण के लिए अत्यंत पवित्र है। उन्होंने अपने पूर्व अनुभव साझा करते हुए बताया कि उत्तराखंड यात्रा के दौरान आनंदमयी मां के सानिध्य में यहां प्रवास का अवसर मिला, जहां रात्रि में श्रीमद्भागवत के दशम स्कंध का पाठ कर आध्यात्मिक अनुभूति प्राप्त हुई। उन्होंने कहा कि शुकतीर्थ जैसी सिद्ध और शुद्ध भूमि पर पुनः कथा करने का अवसर मिलना सौभाग्य की बात है। चेतन भाई की कथा के प्रति श्रद्धा और अधिकाधिक कथालाभ की भावना के चलते इस आयोजन का संकल्प लिया गया। बापू ने आयोजन से जुड़े सभी सहयोगियों, विशेष रूप से पिंकी एवं उनकी टीम की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने पूरे समर्पण और प्रसन्नता के साथ कथा की तैयारी की है। साथ ही कथा के आयोजकों को आशीर्वाद प्रदान किया। अंत में उन्होंने कहा कि “मानस शुकतीर्थ” कथा के माध्यम से उक्त चौपाइयों के आश्रय में शुकतीर्थ की महिमा का विस्तारपूर्वक स्मरण और वर्णन किया जाएगा। इस अवसर पर समूचा शुकतीर्थ भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर दिखाई दिया।

वरिष्ठ नागरिक सामाजिक संगठन ने किया व्यवसायिक गैस सिलेंडर के दाम बढ़ाने का विरोध
हरिद्वार (रिपोर्टर)। वरिष्ठ नागरिक सामाजिक संगठन ने बैठक कर व्यवसायिक गैस सिलेंडर के दामों में की गयी भारी मृल्य वृद्धि का विरोध करते हुए सरकार से इसे तत्काल वापस लेने की मांग की है। ज्वालापुर इंटर कालेज में आयोजित बैठक को संबोधित करते हुए संगठन के अध्यक्ष चौधरी चरण सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार






