मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। बोले सो निहाल सत श्री अकाल के जयघोष के बीच मंगलवार को श्री गुरु सिंह सभा मुजफ्फरनगर की ओर से खालसा रार्जना दिवस (वैसाखी) का त्योहार श्री गुरु सिंह सभा गांधी कालोनी में बड़ी धूमधाम व उल्लास के साथ मनाया गया। इस मौके पर गुणी ज्ञानी व रागी जत्थे पहुंचे। इस मौके पर कविशर जत्था भाई हरदेव सिंह जी लाल बाई (श्री मुक्तसर वाले) जिन्होने श्री गुरू गोबिन्द सिंह जी महाराज द्वारा इस दिन खालसा पंथ की स्थापना का विस्तार पूर्वक वर्णन किया। उन्होने बताया कि बैसाखी के दिन ही श्री गुरू गोबिन्द सिंह जी महाराज के आनन्दपुर साहिब में 1699 में खालसा पंथ की नींव रखी थी। इस खालसा शब्द का अर्थ खालिस शब्द से बना है। जिसका अर्थ शुद्ध-पावन-पवित्र होता है। उन्होंने बताया कि खालसा पंथ की स्थापना के पीछे श्री गुरू गोबिन्द सिंह जी का पूर्ण लक्ष्य लोगों को तत्कालीन मुगल शासकों के अत्याचारों से मुक्त कर उनके धार्मिक नैतिक और व्यावहारिक जीयन को श्रेष्ठ बनाना था। इस पथ द्वारा श्री गुरु गोबिंद सिंह जी ने लोगों को धर्म और जाति का आधार पर भेदभाव छोडकर इसके स्थान पर मानवीय भावनाओं को आपसी संबंधों में महत्व देने की भी दृष्टि थी। उन्होंने गुरू जी के जीवन के इतिहास का वर्णन किया। इस अवसर पर दिनांक 12 अप्रैल दिन रविवार को श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के अखण्ड पाठ प्रारम्भ किए गए थे उनकी समाप्ति आज 14 अप्रैल प्रातः हुई। उपरांत गुरू जी के दीवान सजाए गए। गुरुद्वारा गांधी कालोनी के हैड ग्रंथी ज्ञानी जोगा सिंह जी व ज्ञानी हरजीत सिंह जी ने कथा द्वारा श्री गुरु गोबिन्द सिंह जी के खालसा पंथ सजाने पर प्रकाश डाला।

इस पूरे प्रोग्राम का संचालन श्री गुरु सिंह सभा के प्रधान सरदार सतपाल सिंह मान व महासचिव सरदार अजीत सिंह मलिक और सभी कमेटी मेम्बरों के किया और सैकड़ों की संख्या में सगत मौजूद रही। इस दौरान गुरुबाणी का आनन्द प्राप्त किया वही शहर में बोले सो निहाल सत श्री अकाल के जयकारे गूंज रहे थे।

दो छात्रों का ऑटोमेट इंडिया हैकथॉन के लिए चयन चेयरमैन ने दी बधाई
मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। गुरुग्राम स्थित माइक्रोसॉफ्ट इंडिया लिमिटेड द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित ‘ऑटोमेट इंडिया’ हैकाथॉन के फाइनल राउंड के लिए श्री राम ग्रुप ऑफ कॉलेजेज, मुजफ्फरनगर के बीटेक कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग के अंतिम वर्ष के चार छात्रों का चयन हुआ है। चयनित छात्रों में गोपाल बंसल, प्रिंस प्रजापति, मयंक भाटिया तथा देवांश गुप्ता






