केवल भक्ति से ज्ञान प्राप्त नहीं हो सकता : उमाकांतानंद सरस्वती
मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। जूना अखाङा के महामंडलेश्वर संत उमाकांतानंद सरस्वती जी महाराज ने कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम जी मर्यादा और कृतित्व सिखाने के लिए आते हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों के कान नहीं होते आंख होती हैं। आप जो व्यवहार करेंगे वही सीखेंगे। नई मंडी रामलीला भवन में आयोजित भगवान श्री राम कथा…