हरिद्वार (रिपोर्टर)। इंडियन किसान यूनियन के अध्यक्ष एवं पूर्व दर्जा राज्यमंत्री रामकुमार वालिया ने प्रैस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान भाजपा छोड़ने की घोषणा करते हुए कहा कि उत्तराखंड में किसानों और सर्वसमाज की अनदेखी की जा रही है। सरकार की अनदेखी से किसानों की हालत खराब है। धान, गेहूं, गन्ना, मक्का, सोयाबीन, उड़द, चना, मटर, मसूर, तिलहन, सरसों आदि फसलें राज्य के किसानों की आय का प्रमुख स्रोत हैं। बेमौसम बरसात और ओलावृष्टि से फसलों को भारी नुकसान हुआ है। लेकिन सरकार मुआवजे के नाम पर चुप्पी साधे हुए है। ना तो सरकार किसानों को मुआवजा दे रही है और ना ही बीमा कंपनियां नुकसान की भरपाई कर रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनियों एवं अन्य बीमा कंपनियों को किसानों को फसल खराब होने का मुआवजा देना चाहिए। पर्वतीय क्षेत्र के किसानों की फसलें जंगली जानवर बर्बाद कर रहे हैं। लेकिन सरकार इस संबंध में कोई ठोस नीति नहीं बना पा रही है। सरकार को अन्य राज्यों की तर्ज कर गंेहू का समर्थन मूल्य बढ़ाना चाहिए और किसानों के हित के लिए कदम उठाने चाहिए। रामकुमार वालिया ने कहा कि उन्होंने किसानों की समस्याओं और सर्वसमाज की समस्याओं के समाधान के लिए प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को कई पत्र लिखे। लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। इससे आहत होकर उन्होंने भाजपा छोड़ने का निर्णय लिया। भाजपा छोड़ने के बाद साथियों से विचार विमर्श कर आगे की रणनीति तय करेंगे। रामकुमार वालिया ने सरकार में दायित्वधारियों की नियुक्त किए जाने पर भी सवाल उठाए और कहा कि दायित्व दिए जाने में सर्वसमाज की अनदेखी की गयी। इस दौरान जिला अध्यक्ष डीपी सिंह, कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष मनोज चौहान, गौरव वर्मा भी मौजूद रहे।

11 और 12 अप्रैल का सार्वजनिक अवकाश निरस्त, समय पर खुलेंगे नगर पालिका के सभी कार्यालय
मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। आगामी 13 अप्रैल को मुख्यमन्त्री योगी आदित्यनाथ का जनपद मुजफ्फरनगर के दौरे को लेकर जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर है। नगर पालिका परिषद मुजफ्फरनगर के नगरीय क्षेत्र में मुख्यमंत्री का आगमन/भ्रमण कार्यक्रम प्रस्तावित है। मुख्यमन्त्री के आगमन/भ्रमण कार्यक्रमों को दृष्टिगत रखते हुए द्वितीय शनिवार एवं रविवार यानी 11 और 12 अप्रैल को सार्वजनिक






