मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। पीजेंट वेलफेयर एसोसिएशन के चेयरमैन एवं अखिल भारतीय जाट महासभा के राष्ट्रीय सचिव अशोक बालियान ने जनपद मेरठ के सकौती में बीते दिनों महाराजा सूरजमल जी की प्रतिमा स्थापना के दौरान उत्पन्न विवाद और उसके बाद सोशल मीडिया पर हो रही बयानबाजी पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने सोशल मीडिया पर ऐसी कोई भी पोस्ट साझा न करने की अपील की, जिससे किसी की भावनाएं आहत हों या समाज में कटुता बढ़े। उन्होंने अनुरोध किया कि समाज के युवा प्रबुद्धजनों के प्रयासों का समर्थन करें, ताकि स्थिति सामान्य बनी रहे। हमारी युवाओं से विनम्र अपील है कि संयम बरतें। व कोई विवादित पोस्ट साझा न करे।
वर्ष 2013 के मुजफ्फरनगर दंगों के बाद उत्पन्न विषम परिस्थितियों ने हमें एक महत्वपूर्ण सीख दी थी। उस समय तत्कालीन सरकार की नीतियों से उत्पन्न असंतोष ने हिन्दू समाज के विभिन्न वर्गों को एकजुट किया, जिसके परिणामस्वरूप वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव और 2017 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में पश्चिमी उत्तर प्रदेश में राष्ट्रवाद एवं हिंदुत्व समर्थक शक्तियों की मजबूत एकता देखने को मिली। किन्तु यह चिंता का विषय है कि वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव से यह एकता कमजोर पड़नी शुरू हुई और वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में यह काफी हद तक टूटती हुई दिखाई दी। हाल ही में जनपद मेरठ के सकौती में महाराजा सूरजमल जी की प्रतिमा स्थापना के दौरान उत्पन्न विवाद तथा उसके बाद सोशल मीडिया पर हो रही बयानबाजी इस विघटन को और बढ़ा रही है। हमें यह समझना होगा कि आपसी मतभेद, सामाजिक विवाद और अनावश्यक बयानबाजी केवल हमारी एकता को कमजोर करती है। यदि हम इसी प्रकार बंटते रहे, तो इसका सीधा लाभ उन राजनीतिक शक्तियों को मिलेगा, जो राष्ट्रवाद और हिंदुत्व के विरोध में खड़ी हैं।

राष्ट्रीय हिंदू शक्ति संगठन में सौंपा डीएम को ज्ञापन
मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। राष्ट्रीय हिन्दू शक्ति संगठन द्वारा जिलाधिकारी उमेश मिश्रा को संजय अरोड़ा राष्ट्रीय संयोजक के नेतृत्व में एक ज्ञापन सौंपा गया। उक्त ज्ञापन के माध्यम से संगठन ने मुजफ्फरनगर में मोहर्रम के जलूस को लेकर व रुड़की रोड पर एक अवैध मजार को हटाने की मांग की। इस अवसर पर संजय अरोड़ा ने कहा






