मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। मुजफ्फरनगर के सबसे पुराने, प्रतिष्ठित व यूजीसी नैक द्वारा ‘A’ ग्रेड प्रत्यायित शिक्षण संस्थान सनातन धर्म कॉलेज में पुरा-छात्र सम्मेलन (एलुमिनी मीट) का आयोजन प्रबंध सचिव अखिलेश दत्त, प्राचार्य प्रो. सुधीर पुण्डीर एवं अशोक तायल सदस्य प्रबंध समिति के निर्देशन में किया गया। सनातन धर्म कॉलेज प्रेस समिति के संयोजक डॉ. प्रमोद कुमार मिश्र ( हिंदी-विभाग) ने बताया कि कार्यक्रम का शुभारम्भ माँ सरस्वती एवं भगवान गणेश जी की वंदना से प्रारम्भ हुआ।


इस अवसर पर प्राचार्य प्रो. सुधीर कुमार पुंडीर ने पिछले पाँच वर्ष में सनातन धर्म कॉलेज की महत्वपूर्ण उपलब्धियों एवं भविष्य की महत्वपूर्ण योजनाओं की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की। अतिथियों का स्वागत कॉलेज के चीफ प्रॉक्टर एवं पुरा-छात्र सम्मेलन संयोजक डॉ. अरविन पंवार ने किया। प्रो. शुचि अग्रवाल ने पुरातन छात्र सम्मेलन की आख्या प्रस्तुत की। डॉ. आशना गुप्ता ने कॉलेज के विकास में पुरा-छात्रों के योगदान को विस्तार के साथ रेखांकित किया। इस अवसर पर भारतीय भाषा, संस्कृति एवं कला पर आधारित नवदुर्गा नृत्य, महाराष्ट्र की लावनी, असम के बिहू नृत्य, गुजराती गरबा, पंजाबी भांगड़ा, राजस्थानी लोकनृत्य, गीत, गायन आदि विविध सांस्कृतिक कार्यक्रमों का अत्यंत ही गरिमापूर्ण तरीके से आयोजन किया गया। इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में कॉलेज का नाम रोशन करने एवं कॉलेज के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले पुरा-छात्र दानदाताओं में भरत सिंघल, रमेश केडिया, डॉ. नीरज केडिया, डॉ. सविता वशिष्ठ, अशोक कुमार शर्मा, अनिल सोबती, डॉ. एके जैन, अशोक तायल (सदस्य, प्रबंध समिति) निरंकार स्वरूप, यशपाल सिंह आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। कॉलेज के पुरा-छात्र कवि मधुप नागवान ने पुरानी स्मृतियों को याद करते हुए अपनी कविता “मैं नदी का रुख बदलूँगा” प्रस्तुत की। पुरा-छात्र कुलदीप भारद्वाज ने कॉलेज से जुड़े अपने संस्मरण सुनाये एवं “मेरा दिल ये पुकारे आ जा” गीत का सु-मधुर गायन किया। पुरा-छात्र विवेक शर्मा ने “शिक्षा व्यवस्था एवं विकसित भारत” विषय पर अपने विचार प्रकट किये। कॉलेज की पुरा-छात्रा प्रो. आभा सैनी ने गीतांजलि की पंक्तियाँ “मन जहाँ से परे है” का सुंदर वाचन किया। पुरा-छात्र लोकेश कुमार ने हृदय को छू लेने वाला “तू प्यार का सागर है”, “सौ साल पहले”, “अफसाना लिख रही हूँ”, “जोत से जोत जलाते चलो” जैसे गीतों पर सुमधुर बाँसुरी वादन की प्रस्तुति दी। पुरा-छात्र सतीश पाल ने वाणिज्य विषय पर ज्ञानवर्धक व्याख्यान प्रस्तुत किया। पुरा-छात्र दिवाकर वर्मा ने “हमें तुमसे प्यार कितना” गीत का भावपूर्ण गायन किया। पुरा-छात्रा राजेश्वर गुप्ता ने प्रभावोत्पादक नृत्य प्रस्तुत किया। कॉलेज के 1974 बैच के पुरा छात्रों ने राजेश्वर गुप्ता के नेतृत्व में “उड़े जब-जब जुल्फें तेरी” गीत पर समूह नृत्य की सुन्दर प्रस्तुति दी। 1980-85 बैच के कई पुरा छात्रों ने “डम-डम डिगा-डिगा” गीत पर समूह नृत्य के रूप में अपनी मनमोहक प्रस्तुति दी। पुरा-छात्रा कविता भगत एवं डॉ. अनीता भगत ने कॉलेज से जुड़े पुराने संस्मरण साझा किये। पुरा-छात्र प्रवीन शर्मा ने “अभी न जाओ छोड़कर” गीत का सुंदर गायन किया ; 1988 बैच के पुरा-छात्र श्री एम. के. राघव ने “प्यार का पहला खत लिखने में वक़्त तो लगता है” गीत प्रस्तुत किया।

इस महत्वपूर्ण अवसर पर कॉलेज के पुरा-छात्र अरविन्द सिंघल (चेयरमैन, नगरपालिका परिषद, शामली) ने भविष्य में कॉलेज में होने वाले प्रत्येक कार्यक्रम के लिए एक लाख रूपये की घोषणा की। कार्यक्रम का संचालन प्रो. ममता श्याम, प्रो. शुचि अग्रवाल एवं डॉ. अरविन पंवार ने संयुक्त रूप से किया। प्रो. महिमा अग्रवाल ने सभी आगन्तुकों का धन्यवाद ज्ञापन किया।
इस अवसर पर प्रो. अजयपाल सिंह, प्रो. विजयलक्ष्मी, प्रो. विश्वम्भर पाण्डेय, प्रो. ममता श्याम, प्रो. दिव्या बख्शी, डॉ. सविता, डॉ. प्रो. विकास वर्मा, डॉ. वसंत कुमार, डॉ. प्रमोद कुमार मिश्र, डॉ. पीयूष शर्मा, लेफ्टिनेंट (डॉ.) अजय, डॉ. प्रतिभा, डॉ. सुबोध कुमार, डॉ. नवीन कुमार, डॉ. अंशुल शर्मा, डॉ. खुशबू यादव, डॉ. पवन तिवारी, डॉ. ध्रुव गुप्ता, डॉ. अरविन्द, श्री पवन कुमार, डॉ. शिव धीमान, डॉ. मुहम्मद सलीम, डॉ. मदनपाल, डॉ. निशा चौहान, डॉ. अनूप पटेल, डॉ. शुभी चौरसिया, डॉ. राजेंद्र कुमार, डॉ. शालिनी कुशवाहा, डॉ. संदीप कुमार, डॉ. निकिता, डॉ. भूपेश जांगिड़, डॉ. संतोष यादव, डॉ. गौरव यादव, डॉ. शिवानी मौर्या, डॉ. निशा चौहान, सुश्री सोनाक्षी धीमान, चंद्रमणि सहित बड़ी संख्या में पुरा-छात्र, शिक्षक एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।







