मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। नई मंडी भरतिया कॉलोनी स्थित श्री बालाजी धाम मंदिर में बालाजी जन्मोत्सव कार्यक्रम के बीच मंगलवार को मंदिर परिसर के संकीर्तन भवन मे हो रही श्री राम कथा के दूसरे दिन कथावाचक आचार्य श्री शांतनु जी महाराज द्वारा भगवान शंकर की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि भगवान शिव दुष्टों के लिए कठोर तथा अन्य भक्तों के लिए कोमल है, जो सहज होगा वह शांत भी होगा भगवान शंकर ऐसे ही है। उन्होंने कहा कि व्यक्ति के जीवन में समस्याएं इसलिए है क्योंकि वह सहज नहीं है। महाराज जी ने कहा कि कथा को सुनने वाले भी धन्य होते हैं और सुनाने वाले भी धन्य होते है। जब-जब धरती पर पाप बढ़ेंगे भगवान किसी न किसी रूप में अवतार लेंगे, भगवान अपने भक्तों की रक्षा ऐसे करते हैं जैसे एक मां अपने बच्चों की करती है। उन्होंने नारद मोह व महाराज मनु व शतरूपा के दाम्पति जीवन की कथा का सुंदर वर्णन किया।

श्री बालाजी जन्मोत्सव के बीच मंगलवार को बालाजी धाम संकीर्तन भवन में आयोजित श्री राम कथा के दूसरे दिन आचार्य श्री महाराज ने विभिन्न प्रसंगों के साथ भगवान श्री राम के चारों भाइयों के साथ जन्मोत्सव की कथा का बड़ा ही सारगर्भित वर्णन किया। इस दौरान कथा पंडाल में भगवान राम और उनके भाइयों के जन्म के साथ पूरा संकीर्तन भवन में भगवान श्रीराम के जयकारों से पांडाल गूंज उठा। इस अवसर पर आयोजकों द्वारा भक्तों को टॉफी, बिस्किट और प्रसाद आदि का वितरण किया गया। कथा में मुख्य रूप से पूर्व विधायक अशोक कंसल, समाजसेवी एवं उद्यमी भीमसेन कंसल, सुरेंद्र बंसल, राजीव गोयल, सचिन गोयल, बीएसएफ कमांडेंट अमित कुमार, व्यापारी नेता संजय मित्तल, आशीष प्रताप सिंह, सचिन त्यागी, मुकेश बिंदल, सुभाष चंद्र गोयल, अंकित गर्ग, हरिशंकर तायल, कुलदीप कुमार कुलदीप कुमार, सुनील तायल, विजय बंसल, रजत गोयल, नितिन संगल, शिवम तायल, नितिन संगल, विवेक गर्ग, सहित काफी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

हिन्दू बाहुल्य क्षेत्र में दूसरे समुदाय के व्यक्ति द्वारा मकान खरीदे का विरोध, आक्रोशित लोगों ने मकान पर की तालाबंदी
मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। नगर कोतवाली क्षेत्र के मौहल्ला कृष्णापुरी में कुछ दिनों पूर्व हिन्दू बाहुल्य क्षेत्र में दूसरे समुदाय के व्यक्ति द्वारा दो भाइयों से खरीदे मकान का मोहल्ले वालों ने विरोध करते हुए आपस में सामूहिक रूप से बैठक कर मकान की तालाबंदी कर दी। आक्रोशित मोहल्ले वालों को पुलिस भी नहीं रोक पाई। इस






