मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। मेरठ रोड स्थित कंपनी बाग में हरे पेड़ों के कटान का मामला अब कोर्ट तक जा पहुंचा है। वन विभाग की जांच में दोष सिद्ध होने और प्राथमिकी दर्ज कराने के निर्देश के बावजूद भी पालिका प्रशासन द्वारा कोई ठोस कार्रवाई न होने पर भाजपा नेता वार्ड सभासद राजीव शर्मा ने हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर की है।
बता दें, नगरपालिका परिषद के अधीन मेरठ रोड स्थित कंपनी बाग में हरे-भरे पेड़ों के उखाड़े जाने का मामला फिर से नया तूल पकड़ता जा रहा है। 13 अक्टूबर 2025 की सुबह कम्पनी बाग में प्रात: भ्रमण के लिए पहुंचे लोगों ने देखा कि कई हरे-भरे पेड़ जड़ से उखड़े पड़े हैं। इस पर्यावरणीय क्षति को देख, लोगों में आक्रोश फैल गया। मौके पर हंगामा और प्रदर्शन समेत दोषियों के खिलाफ जांच और कार्रवाई की मांग के बीच पालिका की बोर्ड बैठक में सभासद राजीव शर्मा ने चेयरपर्सन और ईओ के समक्ष मुद्दा उठाते हुए इसे अत्यंत गंभीर बताते हुए सदन में प्रकरण रखा और निष्पक्ष जांच की मांग की।
बाद में अधिशासी अधिकारी डॉ. प्रज्ञा सिंह ने चेयरपर्सन मीनाक्षी स्वरूप के निर्देश पर सीएंडडीएस जल निगम नगरीय द्वारा कम्पनी बाग में कराए जा रहे निर्माण कार्य पर रोक लगाने के साथ ही वन अधिकारी को पत्र लिखकर काटे गए पेड़ों का मूल्यांकन कराया। प्रारंभिक रिपोर्ट में 3 पेड़ों के कटान की पुष्टि होने के आधार पर संबंधित ठेकेदार पर जुर्माना लगाने की कार्रवाई की। सभासद ने मामले में लीपापोती का आरोप लगाते हुए शासन में शिकायत दर्ज कराई और उच्चस्तरीय जांच की मांग की। उन्होंने प्रारंभिक मूल्यांकन रिपोर्ट को गलत बताते हुए पालिका वाटिका प्रभारी डॉ. अजय प्रताप शाही पर भी गंभीर आरोप लगाए। सभासद की उक्त शिकायत पर वन विभाग ने फिर से जांच की, जिसमें पूर्व में हुई मूल्यांकन रिपोर्ट को त्रुटिपूर्ण पाया और ईओ को संबंधित आरोपियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराने के निर्देश दिए गए। इसके बाद भी अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई, तो सभासद ने 6 फरवरी को इलाहाबाद हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की। इस याचिका में नगर विकास विभाग सचिव, डीएम, एडीएम, चेयरपर्सन, ईओ व कार्यदायी संस्था के परियोजना प्रबंधक को पार्टी बनाया गया। सभासद की ओर से अधिवक्ता अनित कुमार पाल और योगेश कुमार सक्सेना ने न्यायालय में प्रार्थना-पत्र देते हुए कहा कि अंतरिम आदेश जारी कर प्रतिवादी संख्या एक, अर्थात नगर विकास सचिव, को मामले की जांच कर आगे की कार्रवाई तय करने का निर्देश दिया जाए। साथ ही प्रतिवादी 6, यानी सीएंडडीएस जल निगम नगरीय के परियोजना प्रबंधक के खिलाफ विधिक कार्रवाई के आदेश दिए जाएं। याचिका में यह भी अनुरोध किया गया कि कंपनी बाग में हरे पेड़ों को काटने व उखाड़ने की कथित गैरकानूनी गतिविधियों पर तत्काल रोक लगाई जाए।
याचिकाकर्ता वार्ड सभासद राजीव शर्मा का कहना है कि कंपनी बाग में हरे-भरे पेड़ों का कटान एक ऐसा गंभीर अपराध है जिसकी भरपाई संभव नहीं है। उनका कहना है कि हाईकोर्ट में याचिका पर जल्द ही सुनवाई की उम्मीद है।




