श्रीविद्या मठ, वाराणसी । काशी के श्रीविद्यामठ में पण्डित श्री रामचन्द्र देव जी सहित अनेक आचार्यों के आचार्यत्व में ‘जगद्गुरुकुलम’ के छात्रों का उपनयन संस्कार सम्पन्न हुआ है । ये आगे चलकर योग्य पण्डित बनकर समाज को सनातन धर्म के शाश्वत मार्ग पर ले कर चलेंगे । वेदाध्ययन के पूर्व उपनयन आवश्यक है और यही हमारी परम्परा है।
आपको बता दें ‘परमाराध्य’ परमधर्माधीश उत्तराम्नाय ज्योतिष्पीठाधीश्वर अनन्तश्रीविभूषित जगदागुरु शंकराचार्य स्वामिश्रीः अविमुक्तेश्वरानंदः सरस्वती ‘१००८’ जी महाराज पूरे देश में भारतीय संस्कृति को आगे बढाने के लिए अभूतपूर्व सेवाकार्य करते हुए अनेकों कार्य कर रहे हैं । पूज्य शंकराचार्य जी महाराज पूरे देश में इस समय ‘जगद्गुरुकुलम्’ की १० से अधिक शाखा चला रहे है , उनकी इच्छा है कि हर जिले मे कम से कम एक निःशुल्क गुरुकुल हो ताकि हिन्दू सनातन धर्म की शिक्षा सभी को सहज प्राप्त हो सके ।
आज जगद्गुरुकुलम की काशी शाखा के छात्रों का उपनयन संस्कार गंगा तट श्रीशंकराचार्य घाट पर सम्पन्न हुआ । सभी उपनीत छात्रों को पूज्यपाद शंकराचार्य जी महाराज ने शुभाशीर्वाद प्रदान किया । मठ के प्रभारी ब्रह्मचारी परमात्मानन्द जी ने सभी उपनीत बटुकों को गायत्री मंत्र की दीक्षा दी। प्रबन्धक श्री कृष्ण कुमार द्विवेदी एवं उप प्राचार्य श्री आर्यन सुमन पांडेय जी ने कार्यक्रम का सफल संयोजन किया।

भारत की संस्कृति को खत्म करने का वैश्विक षड्यंत्र चिंता का कारण: शांतनु जी
मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। श्री बालाजी जन्मोत्सव के बीच श्री बालाजी धाम मंदिर संकीर्तन भवन मे आयोजित श्री राम कथा के चौथे दिन आचार्य श्री शांतुनु जी महाराज ने विभिन्न प्रसंगो के साथ श्री राम-सीता विवाह प्रसंग सुनाया तो श्रद्वालु आनंदित होकर झूम उठे। इस मौके पर शांतुनु महाराज ने कहा कि आप सभी सौभाग्यशाली है कि






