मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। जनपद में कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) संचालन में पाई जा रही अनियमितताओं को लेकर प्रशासन ने कड़ा रूख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। केन्द्र सरकार के इलेक्ट्रॉनिक व सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के निर्देशों के अनुपालन में चलाए गए विशेष अभियान के तहत मानकों के अनुरूप कार्य न करने वाले जिले के 32 जनसेवा केंद्रों को तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया गया है।
उक्त कार्रवाई के तहत जनपद में उक्त सीएससी संचालकों पर गाज गिरी है, जो सरकार द्वारा निर्धारित नियमों एवं दिशा-निर्देशों का पालन नहीं कर रहे थे। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अब मात्र वही जनसेवा केंद्र संचालित होंगे, जो सभी तय मानकों को पूर्ण रूप से पूरा करेंगे। सीएससी के जिला प्रबंधक सनी तोमर ने जानकारी देते हुए बताया कि जिन सीएससी केंद्रों पर भारत सरकार द्वारा अनिवार्य रूप से निर्धारित प्रॉपर ब्रांडिंग (सीएससी बोर्ड) तथा सेवाओं की निर्धारित दरों की सूची (रेट चार्ट) प्रदर्शित नहीं की गई थी, उनके विरुद्ध उक्त कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि बिना ब्रांडिंग और रेट लिस्ट के संचालित सीएससी केंद्रों को चिन्हित कर बंद किया जा रहा है तथा यह अभियान निरंतर जारी रहेगा। जिला प्रशासन का कहना है कि उक्त कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को सरकारी सेवाओं के नाम पर की जा रही अतिरिक्त वसूली से बचाना तथा वास्तविक व अधिकृत सीएससी केंद्रों की पहचान सुनिश्चित करना है। विभाग द्वारा सभी सीएससी संचालकों को कड़ी चेतावनी दी गई है कि यदि किसी केंद्र पर अनिवार्य ब्रांडिंग या निर्धारित रेट चार्ट में किसी तरह की लापरवाही पाई गई, तो बिना पूर्व सूचना के संबंधित केंद्र का पंजीकरण निरस्त कर दिया जाएगा। जिला प्रशासन को उम्मीद है कि इस अभियान के बाद आमजनों को सीएससी सेवाएं पारदर्शी ढंग से, निर्धारित दरों तथा बिना किसी असुविधा के उपलब्ध होंगी।






